जैसलमेर जिले में धर्म कांटों की जांच के दौरान 1120 आरडी मदासर स्थित मां हिंगलाज धर्म कांटे पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। जांच के दौरान कांटे का जरूरी सत्यापन प्रमाण पत्र नहीं मिला। इस पर विधिक माप विज्ञान विभाग ने कार्रवाई की। विभाग के अधिकारी गौरव गुप्ता ने बताया- जिले में 21 से 23 अक्टूबर तक विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बुधवार को धर्म कांटों की जांच की गई। जांच में यह देखा जा रहा है कि वजन करने के लिए इस्तेमाल होने वाले कांटों की सही तरीके से जांच हुई है या नहीं और उनके पास जरूरी प्रमाण पत्र है या नहीं। इसी दौरान मां हिंगलाज धर्म कांटे पर प्रमाण पत्र नहीं मिला, जिसपर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। फसल कटाई और त्योहारों के सीजन में जांच गुप्ता ने बताया कि फसल कटाई और त्योहारों के सीजन को देखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान अनाज की खरीद-बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में किसानों और दूसरे लोगों को सही वजन मिलना जरूरी है। धर्म कांटों में वजन की गड़बड़ी होने पर लोगों को नुकसान हो सकता है। दुकानों पर भी होगी जांच अभियान के तहत जिले की छोटी-बड़ी दुकानों और दूसरे प्रतिष्ठानों की भी जांच की जाएगी। विभाग यह देखेगा कि दुकानदार सामान बेचते समय माप-तौल के नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। साथ ही दुकानदारों को सामान पर लिखी अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) से ज्यादा पैसे नहीं लेने के लिए पाबंद किया जाएगा। उपभोक्ताओं को सही माप-तौल मिले और खरीदारी के दौरान उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं हो, इसके लिए विभाग की ओर से कार्रवाई जारी रहेगी। अगले सप्ताह भी इसी तरह जांच की जाएगी। जांच के दौरान नियमों की अनदेखी मिलने पर संबंधित दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों के हितों की रक्षा करना और बाजार में माप-तौल से जुड़े नियमों की पालना सुनिश्चित करना है।