जैसलमेर में भीषण गर्मी में मजदूरों को राहत मिलेगी। कंपनियां और ठेकेदार 12 से 3 बजे में काम नहीं करवा सकेंगे। तेज धूप और लू से बचाव के लिए कार्यस्थल पर जरूरी व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित करनी होंगी। वहीं ड्यूटी टाइम के बाद ओवरटाइम नहीं कराने और पूरी सैलेरी देने के निर्देश श्रम विभाग ने जारी किए हैं। नियमों की अनदेखी करने पर श्रम कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। काम की जगह पर पानी, छांव और प्राथमिक इलाज जरूरी श्रम अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया- कार्यस्थल पर पीने का साफ और ठंडा पानी, आराम करने के लिए छायादार स्थान और फर्स्ट एड किट की व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। साथ ही मजदूरों के स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए समय-समय पर जांच कराने के भी निर्देश दिए गए हैं। पूरी दिहाड़ी देने के सख्त आदेश जो मजदूर दिहाड़ी के आधार पर काम करते हैं, उनकी मजदूरी में किसी भी तरह की कटौती नहीं की जाएगी। यदि गर्मी के कारण काम का समय कम भी होता है, तब भी मजदूरों को पूरी दिहाड़ी का भुगतान करना अनिवार्य होगा। लू से बचाव के लिए विशेष मेडिकल इंतजाम निर्देशों में यह भी शामिल है कि मजदूर की तबीयत अचानक बिगड़ने पर मौके पर ही आइस पैक और प्राथमिक इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टरों की सहायता भी ली जाए। इसके साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में नियमित जांच कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मजदूरों को लू से बचाने के सभी इंतजाम पूरी तरह लागू हों।