जैसलमेर नगर परिषद द्वारा प्रस्तावित महारावल बृजराज सिंह कॉलोनी प्लान की भूमि पर की गई अतिक्रमण हटाओ कार्रवाई के विरोध में पीड़ित परिवारों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। इसके विरोध में अंबेडकर पार्क से कलेक्ट्रेट तक एक पैदल आक्रोश रैली निकाली गई, जिसमें महिलाएं भी शामिल रहीं। प्रदर्शनकारियों ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पीड़ितों को समर्थन देने कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर भी मौके पर पहुंचे और रैली में साथ रहे। कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तोताराम की ढाणी बबर मगरा के पास कच्ची बस्ती से हटाए गए गरीब परिवारों के पुनर्वास और आशियाने की मांग की गई, साथ ही कलेक्टर से एक विशेष टीम गठित कर पूरी कार्रवाई की जांच कराने का आग्रह किया गया। बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप, भीषण गर्मी में परेशानी कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में प्रभावितों ने बताया कि नगर परिषद जैसलमेर द्वारा तोताराम की ढाणी बबर मगरा के पास कच्ची बस्ती क्षेत्र में बिना किसी पूर्व नोटिस या वैधानिक सूचना के अचानक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई से गरीब परिवारों के कच्चे-पक्के मकान ढह गए हैं, जिससे छोटे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं इस भीषण गर्मी और प्रतिकूल मौसम में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। पीड़ितों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है। दशकों से निवास का दावा, पास में हैं पुख्ता दस्तावेज ज्ञापन के अनुसार, प्रभावित परिवार यहाँ पिछले 10 से 30 वर्षों से निवास कर रहे हैं। नागरिकों के पास मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, आधार कार्ड और बिजली-पानी के बिल जैसे पुख्ता सरकारी दस्तावेज उपलब्ध हैं। पीड़ितों का कहना है कि उनका पक्ष सुने बिना ही उन्हें अतिक्रमणकारी मानकर उनके आशियाने हटा दिए गए, जबकि वे नियमानुसार पट्टा पाने के पूर्ण हकदार थे। कांग्रेस पीड़ितों के साथ खड़ी है- जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर ने कहा- भीषण गर्मी के इस मौसम में बिना किसी पूर्व सूचना या पुनर्वास की व्यवस्था किए दशकों से रह रहे गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़ देना पूरी तरह अमानवीय है। इन परिवारों के पास पुराने सरकारी दस्तावेज और आईडी कार्ड हैं। कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से इन गरीबों के साथ खड़ी है। जब तक इन बेघर परिवारों को न्याय, जांच और नया आशियाना नहीं मिल जाता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। प्रभावितों की प्रमुख मांगें: