जैसलमेर जिले में मौसम के मिजाज में इन दिनों तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तरी हवाओं के असर से दिन ढलते ही ठंडक बढ़ जाती है, जिससे अलसुबह और देर रात हल्की सर्दी का अहसास हो रहा है। वहीं, दिन में तेज धूप खिली रहने से पारे में 14.5 डिग्री सेल्सियस का बड़ा अंतर दर्ज किया गया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री रहा। मौसम के इस दोहरे रुख के कारण सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर और गले में खराश का खतरा बढ़ गया है। डॉक्टरों ने लोगों को सुबह-रात बाहर निकलते समय हल्के गर्म कपड़े पहनने और खानपान का ध्यान रखने की सलाह दी है। दिन में तेज धूप तो रात में महसूस हो रही ठंडक जिले भर में इन दिनों मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। आसमान साफ रहने से दिन के समय तेज धूप खिल रही है, जिसके कारण लोगों को गर्मी का अहसास होता है और वे छांव की तलाश करते नजर आते हैं। हालांकि, जैसे-जैसे सूरज ढलता है, हवाओं में ठंडक घुलने लगती है। देर रात और अलसुबह के समय तापमान में अच्छी-खासी गिरावट आ रही है, जिससे हल्की गुलाबी सर्दी का अहसास होने लगा है। उत्तरी हवाओं का असर, 14.5 डिग्री का भारी अंतर मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस समय चल रही उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में यह उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। रविवार को शहर का अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 21.4 डिग्री पर पहुंच गया। दिन और रात के तापमान के बीच 14.5 डिग्री का भारी अंतर दर्ज किया गया है। रात गहरी होते ही ठंडक बढ़ जाती है, जिससे लोगों को अब रजाई, चादर और हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है। बदलते मौसम में सेहत को लेकर बरतें ये सावधानियां दिन और रात के तापमान में आए इस बड़े अंतर से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम का यह दोहरा मिजाज शरीर के इम्यून सिस्टम को प्रभावित करता है। इससे सर्दी, जुकाम, वायरल बुखार और गले के संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सुबह और देर रात घर से बाहर निकलते समय हल्के गर्म कपड़े जरूर पहनें। ठंडी चीजों के सेवन से बचें और गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें। बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों की सेहत का विशेष ध्यान रखें।