जालोर में नगर परिषद के पास स्थित मारवाड़ टी पॉइंट के बाहर शनिवार शाम रॉन्ग साइड से आ रहे लोडिंग पिकअप वाहन ने स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई और चालक घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर हंगामा हो गया। आस-पास के व्यापारियों ने पुलिस पर एकतरफा व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद पिकअप चालक का एक रिश्तेदार मौके पर पहुंचा और पिकअप के नीचे फंसी स्कूटी को जबरन हटाने का प्रयास किया। आरोप है कि उसने पुलिस का हवाला देते हुए वहां मौजूद लोगों को धमकाया। इस पर वार्ड-21 के पार्षद हुक्मीचंद सोलंकी सहित आसपास के व्यापारियों और अन्य लोगों ने विरोध किया। लोगों ने पुलिस को मौके पर बुलाने की बात कही। इस दौरान पार्षद और व्यापारियों के साथ धक्का-मुक्की कर स्कूटी हटाने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया गया। सूचना पर कोतवाली थाने से बाबूलाल और ओमप्रकाश विश्नोई मौके पर पहुंचे और समझाइश की। व्यापारियों का आरोप है कि टी पॉइंट संचालक की बहन पुलिसकर्मी होने के कारण मामले में एकतरफा व्यवहार किया गया। बाद में विरोध बढ़ता देख पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया और टी पॉइंट संचालक को भी अपने साथ ले गई। अस्पताल में पहुंची मारवाड़ टी पॉइंट की पुलिसकर्मी पर भी व्यापारियों ने धमकाने का आरोप लगाया है। चाय की दुकान पर नशीले पदार्थ बेचने का आरोप व्यापारियों ने मारवाड़ टी पॉइंट पर स्मैक सहित अन्य नशीले पदार्थ बेचने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि दुकान पर नशा करने वाले लोगों का जमावड़ा रहता है, जिससे गाली-गलौज और अन्य गतिविधियों के कारण आसपास के दुकानदारों को परेशानी होती है। व्यापारियों के अनुसार, इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इस कारण यहां कई झगड़े होते रहते हैं। लोगों के विरोध पर पुलिस विकअप चालक के रिश्तेदार को पकड़ कर ले जाने लगी तो युवक ने पुलिस के सामने ही पार्षद हुक्मीचंद सोलंकी समेत अन्य व्यापारियों को देख लेने की धमकी दी। इस दौरान लोगों ने मिलीभगत का आरोप लगाया। अतिक्रमण से यातायात प्रभावित होने की शिकायत व्यापारियों का कहना है कि चाय की दुकान के आसपास सड़क किनारे अतिक्रमण और वाहनों की बेतरतीब पार्किंग के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित होता है। कलक्ट्रेट की तरफ से आने-जाने वाले अधिकारी भी इसी मार्ग से गुजरते हैं। इस स्थान पर पार्किंग सहित अन्य कारणों को लेकर पहले भी कई बार विवाद हो चुके हैं। व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाने, यातायात व्यवस्था सुचारू करने और शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।