जालोर में जब्त स्कूटी का रजिस्ट्रेशन नहीं होने के बावजूद नीलामी में बेचने के मामले को जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग ने जिला आबकारी अधिकारी भीनमाल और जिला परिवहन अधिकारी जालोर को 27 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण पेश करने के लिए तलब किया है। नीलामी में खरीदी स्कूटी का रजिस्ट्रेशन अटका प्रकरण के अनुसार, परिवादी हितेश कुमार ने उपभोक्ता आयोग में परिवाद पेश कर बताया- उसने आबकारी विभाग भीनमाल की ओर से जब्त वाहनों की नीलामी के दौरान एक स्कूटी खरीदी थी। इसके बाद जब उसने स्कूटी के रजिस्ट्रेशन के लिए परिवहन विभाग में आवेदन किया, तो वाहन को बीएस-4 मानक के अनुरूप नहीं बताते हुए रजिस्ट्रेशन करने से इनकार कर दिया गया। आयोग ने मामले को गंभीर माना मामला आयोग के सामने आने पर सवाल उठा कि जब वाहन का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता था, तो उसे नीलामी में बेचने की अनुमति कैसे दी गई। आयोग के पीठासीन अधिकारी घनश्याम यादव और सदस्य निरंजन शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला आबकारी अधिकारी भीनमाल और जिला परिवहन अधिकारी जालोर को 27 अक्टूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण पेश करने के निर्देश दिए हैं।