स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने गुरुवार को पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 में डमी कैंडिडेट के रुप में बैठ परीक्षा पास करने वाले को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी विरमाराम बिश्नोई (45) फिलहाल उपखण्ड ऑफिस जसवंतपुरा, जालोर में कनिष्ठ सहायक के पद पर पदस्थापित है। वो कई दिनों से अनुपस्थित चल रहा था। आरोपी पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 के एग्जाम में भारमल राम, निवासी धानता सांचोर,जालोर की जगह डमी कैंडिडेट के रुप में बैठा था। एग्जाम देने के बदले उसने कैंडिडेट से 12 लाख रुपए कैश लिए थे। एसओजी की ओर से फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने फेक डिग्री और डमी कैंडिडेट से नौकरी हासिल कर ली थी एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर की ओर से दिसम्बर-2022 को शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) भर्ती परीक्षा-2022 आयोजित की गई थी। एग्जाम में कैंडिडेट भारमल राम निवासी धानता सांचौर जालोर ने आवेदन किया था। जांच में सामने आया कि कैंडिडेट भारमल राम ने खुद की जगह पैसे देकर डमी कैंडिडेट बिठाया था। उसने फेक डिग्री पेश कर एग्जाम पास किया गया। फिजिकल टीचर के पद पर चयनित होकर नौकर भी प्राप्त कर ली थी। एसओजी की ओर से आरोपी भारमल राम पुत्र नरिगा राम को अरेस्ट किया गया था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी जगह डमी कैंडिडेट के रुप में वीरमा राम बिश्नोई (45) ने एग्जाम दिया था। इसके बाद से एसओजी की ओर से आरोपी वीरमाराम की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही थी। एसओजी टीमों की दबिश के चलते आरोपी वीरमा राम ने कोर्ट में सरेंडर किया। एसओजी की ओर से गुरुवार को आरोपी वीरमा राम को अरेस्ट किया गया। 2004 में भी डमी कैंडिडेट बन उच्च माध्यमिक परीक्षा दी थी एसओजी की प्रारम्भिक जांच में सामने आया कि है कि आरोपी वीरमा राम ने 2004 में डमी कैंडिडेट के रुप में उच्च माध्यमिक की परीक्षा भी दी थी। जिसका भीनमाल थाने में दर्ज प्रकरण में चालान कोर्ट में पेश किया गया था।