झालावाड़ में गुरुवार को इंटेंसिव आरसीएच (प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य) ड्राइव के तहत जिलेभर के 237 से अधिक चिकित्सा संस्थानों का सघन निरीक्षण किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन करना था। निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल, उप-जिला अस्पताल, सैटेलाइट अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर सेवाओं की जांच की गई। इसमें उच्च जोखिम गर्भवती (एचआरपी) महिलाओं की पहचान, एएनसी सेवाएं, संस्थागत प्रसव, नियमित टीकाकरण, दवा एवं जांच सुविधाएं, रिकॉर्ड संधारण, साफ-सफाई, स्टाफ की उपस्थिति और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा शामिल थी। जहां कमियां पाई गईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। इस अभियान में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों, बीसीएमओ, चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों, बीपीएम, बीएचएस, पीएचएस और सीएचओ सहित अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार नागर ने बताया कि ड्राइव के दौरान 12 सप्ताह से पूर्व 440 गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीकरण किया गया। डॉ. नागर ने आगे बताया कि 192 उच्च जोखिम गर्भवतियों की पहचान हुई, जिनमें 94 एनीमिया, 17 हाईपरटेंशन और 3 गर्भावस्थाजन्य मधुमेह से पीड़ित पाई गईं। गुरुवार को जिले में कुल 15 प्रसव कराए गए, जिनमें से 3 जटिल प्रसव थे और 1 प्रसव ऑपरेशन के माध्यम से संपन्न हुआ। सीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने कहा कि इंटेंसिव आरसीएच ड्राइव का लक्ष्य मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुदृढ़ बनाना, प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना तथा आरसीएच सूचकांकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड निरीक्षण से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।