औषधि नियंत्रण विभाग ने जिले में चार मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके औषधि अनुज्ञा पत्र (लाइसेंस) निलंबित कर दिए हैं। विभागीय जांच में दवा विक्रय के दौरान नियमों की अनदेखी, अभिलेखों में कमी और अन्य अनियमितताएं सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। निलंबन के आदेश 15 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगे। इन मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस निलंबित सहायक औषधि नियंत्रक अनूप रावत ने बताया कि नियमित निरीक्षण के दौरान चार प्रतिष्ठानों के संचालन में गंभीर खामियां मिली थीं। इसके बाद इनके लाइसेंस निलंबित करने के आदेश जारी किए गए। निलंबित किए गए प्रतिष्ठानों में शामिल हैं: जांच में मिलीं कई अनियमितताएं विभागीय निरीक्षण में पाया गया कि संबंधित प्रतिष्ठान दवा विक्रय से जुड़े अनिवार्य मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। जांच में दवाओं की खरीद-बिक्री का सही रिकॉर्ड नहीं रखना, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत निर्धारित प्रावधानों की अनदेखी और दवाओं के भंडारण व रखरखाव संबंधी नियमों का पालन नहीं करना जैसी कमियां सामने आईं। जनस्वास्थ्य से जुड़ा है दवा विक्रय का कार्य सहायक औषधि नियंत्रक अनूप रावत ने कहा कि दवा विक्रय का कार्य सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। ऐसे में दवा वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी अधिनियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने जिले के सभी दवा विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे दवाओं के क्रय-विक्रय, भंडारण, रिकॉर्ड संधारण और बिलिंग से संबंधित सभी नियमों और प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें।