जोधपुर की डिंपल खींची ने 10 दिन में NEET समेत 3 एग्जाम क्लियर किए।रोप स्कीपिंग की नेशनल प्लेयर डिंपल की 5609 रैंक आई है। वह 3 साल से किसी भी सामाजिक कार्यक्रम या फंक्शन में नहीं गईं। डिंपल के पिता ने कहा- मेरी बेटी ने मेरा सपना पूरा किया है। डिंपल खींची जोधपुर के बनाड स्थित नांदड़ी के फाटा इलाके में रहती हैं। डिंपल के पिता कुंदल सिंह खींची का कोरियर का बिजनेस है। डिंपल ने बताया - मेरी शुरुआती पढ़ाई नवोदय से हुई। इसके बाद 11वीं और 12वीं जोधपुर से की। मैं रोप स्कीपिंग की नेशनल प्लेयर रह चुकी हूं। 2019 में हुए नेशनल टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल हासिल किया था। इसके साथ ही क्लस्टर पर गोल्ड और रिजनल पर सिल्वर मेडल हासिल कर चुकी हूं। पिता ने कहा- मेरा सपना अधूरा, तीन साल से कहीं नहीं गई मां अनिता कंवर ने बताया कि डिंपल के पिता चाहते थे कि बेटी अपने परिवार का नाम रोशन करे। एक दिन उसे, उसके पिता ने कहा कि मेरा सपना है कि तू डॉक्टर बने। तब डिंपल ने कहा- मैं इसे जरूर पूरा करूंगी। डिंपल ने पिछले 10 दिनों में 3 एग्जाम क्रैक कर चुकी है। हाल में एम्स नर्सिंग एग्जाम में डिंपल की ऑल इंडिया 379 रैंक थी। इसके अलावा आरयूएचएस नर्सिंग एग्जाम भी क्लियर किया और यहां 85 प्रतिशत नंबर हासिल किए। जब पिता को पता चला तो, कहा- मेरा सपना अब भी अधूरा है। गुरुवार, 16 जुलाई को नीट का रिजल्ट आया, तब डिंपल के पिता ऑफिस से घर आए ही थे। बेटी के सिलेक्शन पर वे भावुक हो गए। बोले- ‘अब मेरी बेटी ने मेरा सपना पूरा किया है।’ टीचर बोले- नीट पेपर लीक के बाद बच्चे डिप्रेशन में थे NEET-UG 2026 क्रैक करने वालों में कुछ स्टूडेंट वे भी हैं, जो पेपरलीक की खबरों के बाद डिप्रेशन में आ गए थे। ऐसे में टीचर्स के सामने बच्चों को दोबारा तैयारी करवाना सबसे बड़ा चैलेंज था। साइंस फैकल्टी के डॉ. अन्नाराम पटेल ने बताया- बच्चों को डिप्रेशन से निकालना बहुत जरूरी था। इसके लिए हम बच्चों के घर तक गए। वहां उनके साथ उनके पेरेंट्स को समझाया कि उन्हें एक चांस और मिला है। यदि नंबर कम आए तो दूसरा मौका है कि कैसे इसे सुधार सकते हैं। इसके बाद इन बच्चों को लगातार कोचिंग दी गई। बच्चों को ऐसा न लगे कि वे अकेले हैं तो एग्जाम के दिन भी उन्हें सेंटर तक छोड़ने गए थे। --- ये खबर भी पढ़िए- भाई को पढ़ाने के लिए होटलों में काम किया:सेना में जाने का सपना छोड़ा; मां ने मजदूरी कर पढ़ाया; पढ़िए री-नीट की सफलता की कहानियां बाड़मेर में अपने भाई को डॉक्टर बनाने का सपना देखने वाले भाइयों ने मजदूरी की तो किसी ने सेना में जाने का सपना छोड़ कर पत्थर उठाए। किसी के पिता की मौत हुई तो मां ने मजदूरी कर बेटे को नीट की तैयारी करवाई।किसी ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी और टीचर के कहने पर फिर से शुरुआत की। पढ़ें पूरी खबर… दो भाइयों ने एक साथ क्लियर किया NEET:जयपुर के उपलक्ष्य की तीसरी रैंक, बोले- खुद को रिफ्रेश करने के लिए कॉमेडी शो देखता था नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार रात NEET-UG 2026 का रिजल्ट जारी किया। जयपुर के उपलक्ष्य गोयल ने देशभर में तीसरी रैंक और अलवर के गौरव सिंह ने 9वीं रैंक हासिल की। (पढ़िए पूरी खबर)