गर्मी के मौसम और ग्रीष्मावकाश के दौरान बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने काकिनाडा टाउन(आंध्र प्रदेश) से हिसार(हरियाणा) के बीच एक साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुविधा मिलेगी। इस स्पेशल ट्रेन का खास फायदा चित्तौड़गढ़ जिले के यात्रियों को भी मिलेगा, क्योंकि यह ट्रेन यहां ठहराव करेगी। निर्धारित समय पर चलेगी ट्रेन, दो दिन में पहुंचेगी गंतव्य रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार गाड़ी संख्या 07717 काकिनाडा टाउन-हिसार साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन 21 अप्रैल को सुबह 5 बजकर 40 मिनट पर काकिनाडा टाउन से रवाना होगी। यह ट्रेन करीब दो दिन का सफर तय करते हुए गुरुवार दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर हिसार पहुंचेगी। इसी तरह वापसी में गाड़ी संख्या 07718 हिसार से 24 अप्रैल को दोपहर 2 बजकर 10 मिनट पर रवाना होकर रविवार रात 9 बजकर 35 मिनट पर काकिनाडा टाउन पहुंचेगी। इस तरह यात्रियों को आने-जाने दोनों दिशाओं में सुविधा मिलेगी। चित्तौड़गढ़ समेत कई बड़े स्टेशनों पर होगा ठहराव इस स्पेशल ट्रेन का रूट काफी लंबा और जरूरी है, जिसमें कई प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। यह ट्रेन आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से होकर गुजरेगी। इसका ठहराव सामलकोट, राजमुंदरी, ताडेपल्लिगडेम, एलूरू, विजयवाडा, गूंटूर, मिर्यालगूडा, नल्लगोंडा, चर्लपल्ली, मेडचल, कामारेड्डी, निजामाबाद, बासर, धर्माबाद, मुदखेड, नान्देड, पूर्णा, बसमत, हिंगोली डेक्कन, वाशिम, अकोला, शेगांव, मलकापुर, भुसावल, जलगांव, धरणगांव, अमलनेर, नंदूरबार, उधना, वडोदरा, रतलाम, मंदसौर, नीमच में होगा। राजस्थान में चित्तौड़गढ़, भीलवाडा, बिजयनगर, नसीराबाद, अजमेर, किशनगढ, फुलेरा, रींगस, सीकर, नवलगढ, झुंझुनूं, चिडावा, लोहारू और सादुलपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर इसका ठहराव रहेगा। चित्तौड़गढ़ के यात्रियों के लिए यह राहत है, क्योंकि अब उन्हें लंबी दूरी की यात्रा के लिए सीधे ट्रेन सुविधा मिल सकेगी। इससे बाहर पढ़ने वाले छात्र, नौकरीपेशा लोग और व्यापारियों को भी लाभ होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त कोच व्यवस्था रेलवे ने इस स्पेशल ट्रेन में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुल 24 डिब्बों की व्यवस्था की है। इसमें 2 फर्स्ट एसी और सेकंड एसी, 3 सेकंड एसी, 5 थर्ड एसी, 8 स्लीपर कोच, 4 जनरल कोच और 2 गार्ड डिब्बे शामिल हैं।