खैरथल-तिजारा जिले में एसीबी ने किशनगढ़बास के मांचा गांव के पास DST थाने तैनात दो कॉन्स्टेबल को 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। दोनों पर मावा बनाने वाले व्यापारी और अन्य फर्मों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने कॉन्स्टेबल बृजेश और कॉन्स्टेबल ईश्वर सिंह को पकड़ा है। कारखाने पर कार्रवाई का डर दिखाकर मांगी रिश्वत एसीबी अधिकारियों ने बताया- 21 अक्टूबर को डीएसटी प्रभारी गौरव और टीम के सदस्य सादे कपड़ों में व्यापारी के कारखाने पर पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान कारखाने में लगे कैमरे हटवाए गए और नकली कलाकंद बनाने की शिकायत पर खाद्य विभाग की टीम को बुलाकर माल के सैंपल लिए गए। इसके बाद कारखाने का माल नष्ट करवाने और उसे सीज नहीं करवाने की एवज में रिश्वत मांगी गई। शिकायत के अनुसार, कॉन्स्टेबल ब्रजेश ने एक लाख रुपए देने को कहा, जबकि ईश्वर सिंह ने परिवादी के परिचित अन्य कारोबारियों से 50-50 हजार रुपए लेकर डीएसटी ऑफिस आने को कहा। ऐसा नहीं करने पर उनके कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करने की धमकी देने का भी आरोप है। सत्यापन के बाद बिछाया जाल एसीबी ने 21 अक्टूबर को शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें परिवादी और सहपरिवादियों की फर्मों पर कार्रवाई नहीं करने तथा तैयार माल नष्ट नहीं करवाने की एवज में कुल 2.20 लाख रुपए की मांग प्रमाणित पाई गई। शुक्रवार को एसीबी चौकी अलवर प्रथम की टीम ने ACB डीएसपी शब्बीर खान के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई करते हुए दोनों कॉन्स्टेबल को 2 लाख रुपए लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है। आरोपियों से पूछताछ जारी है।