सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने कहा कि नॉन-वेंडिंग जोन में रेहड़ी-ठेला या दुकान लगाने वालों पर अब AI के जरिए ऑटोमैटिक चालान काटा जाएगा। खाटूश्यामजी में प्रस्तावित रोपवे को लेकर एक बार फिर से नए सिरे से विचार किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खाटू में सीवरेज और ड्रेनेज व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। अतिक्रमण हटाने में पुलिस के सहयोग के लिए नगर पालिका और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर आशीष मोदी ने आज खाटूश्यामजी में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक ली और आमजन से संवाद किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने और खाटू के समग्र विकास के लिए जनसुझाव लेने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गई। बैठक में व्यापार मंडल समेत विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ श्रद्धालुओं की अपेक्षाओं और स्थानीय खाटूवासियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। आमजन से प्राप्त सुझावों पर गंभीरता से कार्य किया जाएगा। कलेक्टर मोदी ने बताया कि सड़कों से अतिक्रमण हटाने, सीवरेज-ड्रेनेज सहित अन्य प्रस्तावों के लिए विभागवार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री स्वयं खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विकास को लेकर लगातार इनपुट ले रहे हैं। खाटूश्यामजी में पिछले कुछ समय से रुके हुए विकास कार्य जल्द ही दोबारा शुरू किए जाएंगे। बढ़ते श्रद्धालु आवागमन को देखते हुए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और उप-जिला अस्पताल के नए भवन का निर्माण तेजी से चल रहा है।
खाटू कस्बे में अस्थाई दुकानों और अतिक्रमण हटाने के मामले में जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पुलिस, नगर पालिका और प्रशासन के अधिकारी पूर्ण समन्वय के साथ काम करेंगे। अतिक्रमण-मुक्त खाटू बनाने के लिए सभी विभागों को मिलकर प्रयास करना होगा। जिला पुलिस अधीक्षक प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि खाटूश्यामजी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की मांग करते हुए डीजीपी को पत्र लिखा गया है। लगभग 1 सप्ताह में अतिरिक्त पुलिस जाब्ते की व्यवस्था हो जाएगी। यातायात थाने का प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। फिलहाल प्रारंभिक तौर पर ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए अतिरिक्त पुलिसकर्मी लगाने की व्यवस्था की गई है। खाटूवासियों ने बैठक में कई मांगें रखीं। इनमें निकास द्वार पर स्थायी 40 फीट चौड़ा रास्ता खोलना, कबूतर चौक पर पानी की टंकी के पास से अतिक्रमण हटाना, ट्रैफिक जाम का स्थायी समाधान, सीवरेज लाइन बिछाना, नॉन-वेंडिंग जोन बनाना और रींगस से खाटू तक अधूरे पैदल मार्ग का कार्य पूरा करवाना शामिल है। ग्रामीण मोहन मावलिया ने कहा कि खाटू कस्बे में ट्रैफिक जाम की समस्या से श्रद्धालुओं की अपेक्षा स्थानीय लोग ज्यादा परेशान हैं। बाहर से आने वाली गाड़ियों के कारण स्थानीय लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इसलिए खाटू कस्बे के चारों ओर रिंग रोड की तत्काल जरूरत है। इससे रींगस-दांतारामगढ़ और रेनवाल-सीकर मार्ग की गाड़ियों को भी राहत मिलेगी। कलेक्टर मोदी ने कहा कि रिंग रोड का प्रारंभिक कार्य शुरू हो चुका है और शीघ्र ही खाटू के चारों तरफ रिंग रोड के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। भाजपा मंडल अध्यक्ष मुकेश रामूका ने प्रस्तावित रोपवे को रद्द करने की मांग की। खाटूवासियों का कहना है कि खाटूश्याम बाबा का मंदिर मैदानी क्षेत्र में स्थित है, इसलिए रोपवे की कोई आवश्यकता नहीं है। रोपवे से कुछ खास लोगों को ही फायदा होगा और श्रद्धालुओं के लिए अव्यवस्था बढ़ेगी। व्यापार मंडल अध्यक्ष सोनू जोशी और मंत्री श्याम सुंदर पूनिया ने मुख्य बाजार से अतिक्रमण हटाने तथा अस्थाई वेंडरों को हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने ई-रिक्शों के अनियंत्रित संचालन पर तुरंत पाबंदी लगाने की भी मांग रखी। बैठक में एडीएम (सिटी) भावना शर्मा, एडिशनल एसपी दीपक गर्ग, डीएसपी राव आनंद, श्रीश्याम मंदिर कमेटी मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान सहित खाटू कस्बे के व्यापारी और आमजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।