कोटा में जल संसाधन विभाग ने निर्माण कार्यों में अनियमितता मिलने पर 3 इंजीनियर को सस्पेंड करते हुए 3 अफसरों को चार्जशीट दी। विभाग ने कार्रवाई करते हुए दायीं नहर उपखंड सीएडी अंता के कनिष्ठ अभियंता नेमीचंद बैरवा, सोनू कुमार गोचर और दीपक चौधरी को निलंबित कर दिया। वहीं दायीं मुख्य नहर खंड द्वितीय सीएडी चंबल कोटा के अधिशाषी अभियंता हेमराज मीणा, सहायक अभियंता एवं तकनीकी सहायक नरेश मालव व दायीं नहर खंड सीएडी चंबल अंता के सहायक अभियंता अमित कुमार बोहरा को चार्जशीट जारी की। अधीक्षण अभियंता (प्रशासन) द्वारा जारी आदेश के अनुसार- दायीं मुख्य नहर सीएडी चंबल क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की जांच में गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आईं। जल संसाधन मंत्री ने कहा- परियोजनाओं में घटिया सामग्री या लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों के अनुसार- निर्माण कार्यों में मानक सामग्री का उपयोग नहीं पाया गया, जो गंभीर लापरवाही मानी गई है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न हो। यह कार्रवाई विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले समय में भी ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि जनहित से जुड़े कार्य तय मानकों के अनुसार पूरे हो सकें। मंत्री ने दौरा किया था तो जताई थी नाराजगी बता दें 2 मई को ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा के सांगोद विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया था। उन्होंने हरिश्चंद्र सागर परियोजना के तहत चल रहे नहरों के सेकेंड फेज के मरम्मत कार्यों का जायजा लिया था। मंत्री नागर ने नहरों पर चल रहे निर्माण कार्य से टाइल हटवाकर निर्माण सामग्री की भी जांच की। अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी थी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़े- ऊर्जा मंत्री बोले-घटिया निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं:मंत्री ने नहर परियोजना की हटवाई टाइल, जांची गुणवत्ता; कहा- लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई कोटा में नहर परियोजना में गुणवत्ता को लेकर ऊर्जा मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि घटिया निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खुद टाइल हटवाकर काम की गुणवत्ता जांची और अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल मानकों के अनुरूप कार्य होने पर ही भुगतान किया जाए। खबर पढ़े