कोटा नगर निगम के उपायुक्त पायुक्त महावीर सिसोदिया पर मकान बनने देने की एवज में 50 हजार रुपए मांगने का आरोप लगा है। कैथून के कोट मोहल्ला काजी गोट निवासी शादाब ने आरोप लगाया कि उससे रूपए मांगे गए है। इसी के चलते कांग्रेस पार्षदों ने निगम उपायुक्त व कैथून क्षेत्र के प्रभारी महावीर सिसौदिया पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग और अवैध वसूली के आरोप लगाते हुए कलेक्टर के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान वार्ड-6 के लोग भी मौजूद रहे। वार्ड संख्या 6 से कांग्रेस पार्षद और कैथून नगरपालिका की पूर्व चेयरमैन आईना महक ने एडीएम राजेश जोशी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और आरोपी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पार्षद आईना महक ने आरोप लगाया कि पूर्व में जिला कलेक्टर के निर्देश पर कैथून क्षेत्र में जिन सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाया गया था, उन पर उपायुक्त महावीर सिसौदिया की शह पर दोबारा कब्जे करवा दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि बोर्ड बैठक में स्वीकृत 'महात्मा ज्योतिबा फुले फार्महाउस योजना' और मवासा रोड स्थित 'अमन कॉलोनी आवासीय योजना' की जमीनों पर लगे नगर पालिका के बोर्ड उखाड़ दिए गए हैं और वहां फसलें उगाई जा रही हैं। भाजपा नेताओं और संरक्षकों पर निशाना पार्षद ने आरोप लगाया कि कुछ बीजेपी से जुडे लोगों ने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर रखा है। इसके अलावा, भाजपा कार्यकर्ता अवैध कॉलोनी काट रहे है, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। मुख्य मार्ग पर बड़े-बड़े शो-रूमों के अवैध निर्माण बेधड़क जारी हैं। रूपए मांगने के लगाए आरोप वहीं कैथून के कोट मोहल्ला काजी गोट निवासी शादाब ने आरोप लगाया कि उससे रूपए मांगे गए है। उसके अनुसार, उसने वर्ष 2020 में नगरपालिका से स्वीकृति लेकर मकान का निर्माण शुरू करवाया था, जो लॉकडाउन में रुक गया था। हाल ही में जब उसने प्लास्टर का काम शुरू किया, तो उपायुक्त महावीर सिसौदिया और जेईएन जाब्ता लेकर 4-5 बार उसका मकान तोड़ने पहुंच गए। शादाब ने आरोप लगाया कि मकान न तोड़ने और काम होने देने के एवज में उससे 50 हजार की डिमांड की गई। वहीं उपायुक्त महावीर सिसोदिया का कहना है कि उनके पास न तो अतिक्रमण की कोई शिकायत है न ही किसी मकान निर्माण पर कोई गया हो ये जानकारी है। कोई शिकायत मिलेगी तो एक्शन लेंगे। अब ऐसे तो कोई कुछ भी कह दे, किसी का भी नाम ले लें, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।