कोटा के एमबीएस अस्पताल में मरीजों को जल्द पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत एमआरआई जांच की सौगात मिलेगी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राकेश ने बताया- अस्पताल में एमआरआई मशीन लगाने की स्वीकृति मिल चुकी है। अधीक्षक के अनुसार- इस योजना के क्रियान्वयन के लिए स्पेस मैनेजमेंट कमेटी बनाई गई थी, जिसने अस्पताल परिसर में एमआरआई मशीन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन कर लिया है। चार सदस्यों की बनाई कमेटी साथ ही चार सदस्यों की तकनीकी कमेटी बनाई गई है। जो वर्तमान में इसके टेक्निकल स्पेसिफिकेशन्स तैयार कर रही है। तकनीकी स्पेशसिफकेशन तय होने के तुरंत बाद इसका टेंडर अपलोड कर दिया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया और नियमानुसार आने वाली आपत्तियों के निस्तारण के बाद इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। मरीजों को मिलेगी राहत, वर्तमान में एनएमसीएच पर निर्भरता अधीक्षक डॉ. राकेश ने बताया- मुख्य रूप से हेड इंजरी और न्यूरोलॉजी से जुड़े मरीजों को एमआरआई की सबसे अधिक जरूरत होती है। वार्डों में भर्ती मरीजों को अस्पताल द्वारा व्यवस्था कर भिजवाया जाता है। वहीं आउटडोर के मरीज अपने स्तर पर जांच करवाते हैं। वर्तमान में एमबीएस अस्पताल के मरीजों को एमआरआई जांच के लिए न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल जाना पड़ता है। एमबीएस में यह सुविधा शुरू होने से मरीजों को आवागमन और इलाज में सहूलियत मिलेगी।