कोटा में दुर्गाष्टमी पर चल रहे ‘सुपोषित मां अभियान’ के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला रहे। रावतभाटा रोड पर ट्रैफिक गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जांच के बाद एक-एक महीने की पौष्टिक सामग्री से युक्त पोषण किट बांटे गए। मीडिया से बातचीत करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा- दुर्गाष्टमी मातृशक्ति की आराधना और शक्ति अर्जित करने का पर्व है। ऐसे समय में मां और होने वाले बच्चे को कुपोषण से बचाकर उन्हें स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाना ही इस अभियान का मूल संकल्प है। बिरला ने कहा- इस अभियान से अब तक 32 हजार से ज्यादा महिलाओं को जोड़ा जा चुका है और तीन लाख से ज्यादा पोषण किट बांटे जा चुके हैं। उन्होंने कहा- अभियान की सफलता और गर्भवती महिलाओं की निरंतर देखभाल के लिए 20 महिला डॉक्टरों की एक विशेष टीम काम कर रही है। यह टीम मेडिकल कैंपों और मोबाइल मेडिकल यूनिट के जरिए दूरदराज क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं की सेहत की जांच और इलाज कर रही है। गर्भवती की हर महीने नियमित मेडिकल जांच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बताया- अभियान के तहत रजिस्टर्ड हर गर्भवती महिला की हर महीने नियमित मेडिकल जांच की जाती है। अगर किसी महिला में खून की कमी या अन्य कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या पाई जाती है तो उसे डॉक्टरों की सलाह पर जरूरी सप्लीमेंट्स भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें हर महीने एक किट दिया जाता है, जिसमें प्रोटीन और पोषण से भरपूर एक महीने की खाद्य सामग्री होती है। महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा ओम बिरला ने बताया- सुपोषण के साथ अब स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जा रहा है। वित्तीय संस्थानों की मदद से स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की मार्केटिंग और बिक्री के लिए बैंकों और बड़ी एजेंसियों के साथ कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि महिलाएं सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।