कोटपूतली में पचायतीराज आम चुनाव-2026 के तहत द्वितीय चरण का मतदान बुधवार को जिले के चार पंचायत समिति क्षेत्रों में शांतिपूर्ण, स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी रूप से संपन्न हुआ। द्वितीय चरण में पंचायत समिति कोटपूतली, पंचायत समिति पावटा, पंचायत समिति नारायणपुर एवं पंचायत समिति बानसूर के पंचायत समिति सदस्य के 80 वार्डों एवं जिला परिषद सदस्य के 16 वार्डो में मतदान कराया गया। इन पंचायत समिति क्षेत्रों में कुल 395206 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 278618 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस प्रकार जिले में द्वितीय चरण का अंतिम मतदान प्रतिशत 70.50 प्रतिशत रहा। कोटपूतली-बहरोड़ में पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान प्रतिशत कोटपूतली-बहरोड़ में जिला परिषद का मतदान प्रतिशत इतने मतदाताओं ने की वोटिंग पंचायत समिति वार मतदान की बात करें तो पंचायत समिति कोटपूतली में कुल 80332 मतदाताओं में से 58059 मतदाताओं ने मतदान किया और अंतिम मतदान प्रतिशत 72.27 प्रतिशत रहा। पंचायत समिति पावटा में कुल 88538 मतदाताओं में से 61867 मतदाताओं ने मतदान किया तथा अंतिम मतदान प्रतिशत 69.88 प्रतिशत दर्ज किया गया। पंचायत समिति नारायणपुर में कुल 80197 मतदाताओं में से 53706 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और मतदान प्रतिशत 66.96 प्रतिशत रहा। वहीं पंचायत समिति बानसूर में कुल 146139 मतदाताओं में से 104986 मतदाताओं ने मतदान किया तथा यहां 71.84 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अपर्णा गुप्ता तथा जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर मतदान व्यवस्थाओं का जायजा लिया। देखें PHOTOS… नारहेड़ा के ग्रामीणों ने किया मतदान बहिष्कार नारहेड़ा के महात्मा गांधी विद्यालय स्थित बूथ संख्या 44 पर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। काफी समझाइश के बाद ग्रामीण वोट डालने के लिए माने। वार्ड नंबर 17 में सुबह से एक भी वोट नहीं डाला गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर उन्होंने पहले ही जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। बूथ पर पोलिंग पार्टियां और पुलिस तैनात मतदान के बहिष्कार के बीच बूथ संख्या 44 पर पोलिंग पार्टियां और पुलिस के जवान तैनात रहे। ग्रामीण मतदान शुरू कराने से पहले अपनी मांग का समाधान चाहते हैं। सुबह से मतदान नहीं होने के कारण बूथ पर चुनाव प्रक्रिया प्रभावित बनी रही। चुनाव कर्मचारियों ने किया उपवास इधर पंचायत चुनाव के बीच अब कर्मचारी चुनाव प्रशिक्षण में चाय-नाश्ते और भोजन का बहिष्कार और चुनाव ड्यूटी के दौरान उपवास रखकर विरोध जताया। राजस्थान कर्मचारी महा संघ ने इस विरोध की अपील की है। कर्मचारियों की मांग है कि समर्पित अवकाश, जीपीएफ, एसआई, ग्रेच्युटी और उपार्जित अवकाश सहित तमाम बकाया भुगतानों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। महासंघ का आरोप है कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद सरकार ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की। 30 अक्टूबर को सरपंच पद के लिए मतदान जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के बाद 30 अक्टूबर को सरपंच पद के लिए भी मतदान होगा।