बाड़मेर जिले की शिव विधानसभा से विधायक रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा में लगे 3 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) को हटा दिया गया है। अब उनकी सुरक्षा में केवल एक पीएसओ तैनात रहेगा। पीएसओ हटाने के आदेश जारी होने के बाद शिव विधायक भाटी ने दावा किया कि ये ऑर्डर बैक डेट में जारी किए गए। उन्होंने कहा- इन राजनीतिक षड्यंत्रों से मेरे हौसलों को तोड़ नहीं सकते। दो कमांडों और दो पुलिसकर्मियों को किया था तैनात जानकारी के अनुसार, रविंद्र भाटी के 2023 में विधायक बनने के बाद एक पीएसओ तैनात किया गया था। लोकसभा चुनाव में भाटी ने इलेक्शन लड़ने का ऐलान किया था। नामांकन भरने के बाद उन्हें जान से मारने की धमकी मिली थी। तब बाड़मेर पुलिस ने एक और पीएसओ बढ़ा दिया था। जनवरी 2025 में सुरक्षा में लगे एक अतिरिक्त पीएसओ को हटा दिया गया। जनवरी-मार्च 2025 के बीच रविंद्र सिंह भाटी को धमकी मिली थी। इंटेलिजेंस को भी इनपुट ​था कि भाटी की जान को खतरा है। इसके बाद मार्च 2025 में 2 कमांडो और 1 पुलिसकर्मी बढ़ाकर पीएसओ की संख्या 4 कर दी थी। सुरक्षा में लगे 3 अतिरिक्त पीएसओ को हटाया एसपी चूनाराम जाट ने आदेश जारी कर विधायक भाटी की सुरक्षा में लगे 3 एक्स्ट्रा पीएसओ (दो कमांडो और 1 पुलिसकर्मी) को हटा दिए हैं। अब उनकी सुरक्षा में 1 ही पीएसओ तैनात किया है। एसपी की ओर से जारी आदेश में बताया- शिव विधायक रविंद्र सिह भाटी को मिली धमकी के मद्देनजर उनकी सुरक्षा व्यवस्था के लिए ऑफिस की ओर से राज्य सरकार के आदेशानुसार सुरक्षा के आधार पर एक पीएसओ के अतिरिक्त तीन पीएसओ समेत कुल 4 पीएसओ उपलब्ध करवाए गए थे। अब अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था को हटा दिया गया है। भाटी बोले- मेरे हौसले नहीं तोड़ सकते इधर, इस मामले को लेकर भाटी का कहना है- बैकडेट में ऑर्डर निकाला गया है। सुरक्षाकर्मी हटाने से मेरे हौसलों को कम नहीं कर सकते हैं। जनता की आवाज और मजबूती से उठाऊंगा। भाटी ने कहा- जाको राखे साइयां मार सके न कोई, जनता की आवाज और ज्यादा मजबूती से उठाऊंगा। इन राजनीतिक षड्यंत्रों से मेरे हौसले परास्त नहीं हो सकते। एसपी ने MLA के दावे को किया खारिज एसपी चूनाराम जाट ने MLA भाटी के दावे को खारिज करते हुए कहा- ADG इंटेलिजेंस की ओर से विधायकों और सांसदों की सुरक्षा को लेकर रिव्यू किया गया था। वहां से निकले पत्र के आधार पर 13 अप्रैल को अतिरिक्त सुरक्षा हटाने के आदेश जारी किए गए थे। सुरक्षा कर्मियों ने 14 अप्रैल को बाड़मेर पुलिस लाइन में आमद कर दी थी। इसके बाद विधायक की मांग के अनुसार दूसरा ऑर्डर निकालकर जालम सिंह की जगह नखत सिंह को PSO लगाया गया। इसके बैकडेट में होने का सवाल ही नहीं उठता है।