प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली में एशियन पैरा गेम्स 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात की। जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक हुए इन खेलों में भारत ने 114 मेडल जीतकर अपना अब तक का बेस्ट प्रदर्शन किया था। इसमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज शामिल हैं। भारत मेडल टैली तालिका में चौथे स्थान पर रहा। प्रधानमंत्री ने हरियाणा के जेवलिन थ्रोअर रिंकू हुड्डा की कहानी भी सुनाई। उन्होंने बताया कि एशियन पैरा गेम्स से करीब दो महीने पहले रिंकू की मां का निधन हो गया था। इतने बड़े निजी दुख के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और प्रतियोगिता में गोल्ड जीता। जीत के बाद उन्होंने अपनी मां की तस्वीर उठाकर मेडल उन्हें समर्पित किया। 14 मेडल से 114 तक पहुंचा भारत का सफर मोदी ने अपने संबोधन में भारतीय पैरा खेलों में आए बदलाव को आंकड़ों के जरिए समझाया। उन्होंने बताया कि 2010 के एशियन पैरा गेम्स में भारत को सिर्फ एक गोल्ड समेत कुल 14 मेडल मिले थे। इस बार खिलाड़ियों ने 114 पदक जीतकर उस प्रदर्शन को बहुत पीछे छोड़ दिया। भारत के प्रदर्शन में सुधार एक ही प्रतियोगिता में नहीं आया। 2014 में भारत ने 33 मेडल जीते और मेडल टैली में 15वां स्थान हासिल किया था। 2018 में संख्या बढ़कर 72 हुई। इसके बाद 2023 के हांगझोउ आयोजन में भारतीय दल ने 108 मेडल जीते। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी इस बदलाव का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 2014 में भारत को पैरा गेम्स में सिर्फ 3 गोल्ड मिले थे। आखिरी दिन 9 गोल्ड जीतकर भारत ने दिखाई ताकत मोदी ने खिलाड़ियों की आखिरी दिन की उपलब्धि का खास तौर पर जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के अंतिम दिन भारतीय खिलाड़ियों ने 9 गोल्ड जीते। उस दिन भारत ने एथलेटिक्स, बैडमिंटन, शूटिंग और तीरंदाजी में गोल्ड जीते। हिमांशु, रवि और जेहान की उपलब्धियों का भी जिक्र मोदी ने हिमांशु, रवि और जेहान के प्रदर्शन को भी सराहा। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों ने दुनिया को दिखाया कि शारीरिक सीमाओं के बावजूद खेल में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। हिमांशु नंदल ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल S11 स्पर्धा में ब्रॉन्ज जीता। S11 कैटेगरी दृष्टिबाधित तैराकों के लिए होती है। हिमांशु ने पूरे टूर्नामेंट में तीन ब्रॉन्ज मेडल हासिल किए। 56 महिला खिलाड़ियों में से 34 ने जीते मेडल मोदी ने महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी बड़ी उपलब्धि बताया। उनके मुताबिक, भारतीय दल में शामिल 56 महिला खिलाड़ियों में से 34 ने मेडल जीते। खेल मंत्री बोले- खेलों के लिए पूरा सिस्टम तैयार किया जा रहा कार्यक्रम में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि भारत में खेलों को आगे बढ़ाने के लिए सिर्फ खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना काफी नहीं है। इसके लिए शुरुआत से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक तैयारी का पूरा सिस्टम बनाना जरूरी है। उन्होंने फिट इंडिया मूवमेंट और खेलो इंडिया जैसी योजनाओं का जिक्र किया। मांडविया ने कहा कि खेलो इंडिया के तहत 3,000 से ज्यादा खिलाड़ियों को सालाना 7 लाख रुपए की सहायता दी जा रही है। उ पैरा गेम्स में अलग-अलग कैटेगरी क्यों बनाई जाती हैं? एशियन पैरा गेम्स एशिया के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए होने वाली बड़ी खेल प्रतियोगिता है। इसमें खिलाड़ी अपनी शारीरिक स्थिति और खेल में उनकी कार्यक्षमता के आधार पर अलग-अलग वर्गों में मुकाबला करते हैं। उदाहरण के लिए, एथलेटिक्स में दौड़ के लिए T और फील्ड इवेंट के लिए F कोड इस्तेमाल होता है। पैरा बैडमिंटन में व्हीलचेयर से खेलने वाले और खड़े होकर खेलने वाले खिलाड़ियों की अलग कैटेगरी होती है। तै मोदी पहले टी-20 वर्ल्ड कप विजेता टीम से भी मिल चुके