विद्यार्थी जीवन में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और समय का सदुपयोग भी जरूरी है। इसी संदेश के साथ दिगंबर संत 108 श्री भावनंदी जी महाराज शुक्रवार को संघ सहित भट्टारक विद्यालय पहुंचे। यहां विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान विद्यालय के भामाशाह बहादुर लाल जैन का जन्मदिन भी मनाया गया। मुनि भावनंदी महाराज ने विद्यार्थियों को मोबाइल का अत्यधिक उपयोग नहीं करने और समय का सदुपयोग पढ़ाई, खेलकूद व रचनात्मक गतिविधियों में करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल का जरूरत से ज्यादा उपयोग पढ़ाई और एकाग्रता को प्रभावित कर सकता है। विद्यार्थियों को माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने के साथ अच्छी संगति और नियमित अध्ययन पर ध्यान देना चाहिए। भामाशाह बहादुर लाल जैन के जन्मदिन पर स्थानीय ट्रस्टी अशोक जैन, अक्षय कुमार जैन, पंकज जैन और अनिल पटवा ने विद्यालय के 600 बच्चों और स्टाफ को 50 किलो मिठाई वितरित की। मुनि ने शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को समाज के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया। विद्यालय ट्रस्टी पंकज जैन और अशोक जैन ने विद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों की जानकारी दी। मुनि भावनंदी महाराज ने शिक्षकों और ट्रस्ट मंडल के प्रयासों की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की।