नागौर जिले के बिरलोका कस्बे में चार महीने पहले एक मासूम की मौत के मामले में आरोपी झोलाछाप के मेडिकल स्टोर की सील हटते ही विवाद फिर गहरा गया। गुरुवार दोपहर चिकित्सा विभाग द्वारा स्टोर से सील हटाए जाने की सूचना मिलते ही देर शाम ग्रामीण और पीड़ित परिजन आक्रोशित होकर मौके पर जमा हो गए और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि चार महीने बीत जाने के बाद भी आरोपी गिरधारी चौधरी के खिलाफ गिरफ्तारी जैसी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके बावजूद चिकित्सा विभाग ने मिलीभगत कर उसकी दुकान दोबारा खुलवा दी। BCMO पर बिना सूचना सीज हटाने का आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खींवसर BCMO श्रीफल मीणा ने बिना प्रशासन को सूचना दिए ही मेडिकल स्टोर से सील हटा दिया। एक ग्रामीण से फोन पर बातचीत में प्रशासनिक अधिकारी द्वारा भी यह स्वीकार किया गया कि उन्हें इस कार्रवाई की जानकारी नहीं थी। धरने की सूचना पर मौके पर पहुंचे अधिकारी, रात 2 बजे खत्म हुआ प्रदर्शन धरने की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासन ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद देर रात करीब 2 बजे धरना समाप्त हुआ। पीड़ित परिवार और ग्रामीण शुक्रवार को चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे। 18 दिसंबर 2025 को गलत इंजेक्शन से हुई थी बच्चे की मौत उल्लेखनीय है कि 18 दिसंबर 2025 को गुलासर निवासी रघुवीर सिंह के 12 वर्षीय बेटे महिपाल सिंह की गलत इंजेक्शन लगने से मौत हो गई थी। घटना के बाद भारी विरोध के चलते प्रशासन ने आरोपी के मेडिकल स्टोर को सीज कर दिया था। बुखार के इलाज में लगा इंजेक्शन, हालत बिगड़ते ही अस्पतालों के चक्कर परिजनों के अनुसार महिपाल को बुखार होने पर बिरलोका स्थित एक मेडिकल स्टोर में संचालित क्लिनिक में ले जाया गया, जहां झोलाछाप गिरधारी ने उसे इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद आरोपी खुद परिजनों के साथ बच्चे को पहले ओसियां के एक निजी अस्पताल ले गया, जहां हालत बिगड़ने पर जोधपुर के श्रीराम हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। उम्मेद अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम, आरोपी हुआ फरार 24 घंटे तक सुधार नहीं होने पर बच्चे को जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार इलाज के दौरान आरोपी झोलाछाप उनके साथ ही रहा, लेकिन जैसे ही मौत की सूचना सामने आई, वह मौके से फरार हो गया। मुआवजे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहले भी हुआ था धरना घटना के बाद परिजन बच्चे के शव को लेकर आरोपी के क्लिनिक के सामने धरने पर बैठ गए थे और गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग की थी। गोविंद मेडिकल स्टोर के नाम से चला रहा था क्लिनिक जानकारी के अनुसार आरोपी बिरलोका गांव में गोविंद मेडिकल स्टोर के नाम से मेडिकल चला रहा था और वहीं पर फर्जी तरीके से लोगों का इलाज भी कर रहा था।