मूंडवा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के साथ कथित लूट और मारपीट के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में शुरुआती रिपोर्ट के कई दावे गलत पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, बींठवाल निवासी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर महिपाल गोस्वामी ने 29 जून को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 27 जून को भरत और हरीश नाम के दो युवक बिना नंबर की थार गाड़ी में उन्हें घर से प्रमोशन के बहाने ले गए। रास्ते में बंधक बनाकर पिस्तौल और बंदूक दिखाकर धमकाया, नागौर मेला मैदान में मारपीट की और सोने के कुंडल, अंगूठियां सहित अन्य सामान लूट लिया। बाद में उन्हें फुलेरा के पास रेलवे ट्रैक के निकट छोड़कर फरार हो गए। जांच में कई दावे गलत निकले पुलिस की जांच में सामने आया कि पीड़ित की सोने की अंगूठियां और चेन चोरी नहीं हुई थीं। साथ ही आरोपियों के पास किसी प्रकार की पिस्तौल या बंदूक होने की पुष्टि भी नहीं हुई। बाद में महिपाल गोस्वामी ने स्वयं सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर स्पष्ट किया कि उनके साथ केवल कानों के कुंडल और मोबाइल छीना गया था तथा पूरे विवाद की शुरुआत डीजल भरवाने को लेकर हुई थी। मामले में मूंडवा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन्फ्लुएंसर ने वीडियो जारी कर दिया स्पष्टीकरण इस मामले में अब इन्फ्लुएंसर ने एक वीडियो जारी कर बताया कि दूसरों के बहकावे में आकर घटना के बाद सोने की अंगूठिया सोने की चेन और पैसे लूटने की शिकायत झूठी दे दी है और स्पष्टीकरण देते हुए पुलिस को धन्यवाद दिया। इसी बीच सोशल मीडिया पर पीड़ित महिपाल गोस्वामी और मामले के जांच अधिकारी एएसआई बेणीराम के बीच कथित बातचीत का एक ऑडियो सामने आया है। इसमें महिपाल ने जांच अधिकारी पर प्रताड़ित करने, पैसे मांगने और राजीनामे का दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, एएसआई बेणीराम ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष और नियमानुसार जांच कर रहे हैं।