मंगलवार को पीपलू की नानेर ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें डेढ़ दर्जन से अधिक विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया विद्युत विभाग को बिजली से संबंधित 72 शिकायतें मिलीं, जिनका शत-प्रतिशत निस्तारण मौके पर ही किया गया। इनमें ढीले तारों व खंभों को व्यवस्थित करने के 31, विद्युत आपूर्ति में व्यवधान के 23, जले हुए ट्रांसफार्मर के 4 और त्रुटिपूर्ण मीटर व बिल सुधार के मामले शामिल थे। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) को पेयजल से जुड़ी 61 शिकायतें प्राप्त हुईं। कनिष्ठ अभियंता की देखरेख में टीम ने 18 खराब हैंडपंपों को मौके पर ठीक किया। पाइप लीकेज के 13 मामलों और पेयजल संबंधी अन्य 21 शिकायतों का भी निवारण किया गया। डॉ. नेहा मूंदड़ा के नेतृत्व में चिकित्सा शिविर में कुल 674 मरीजों का उपचार किया गया। 450 लोगों की बीपी और शुगर की जांच की गई, जिसमें 170 संभावित रोगी पाए गए। 240 आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण कुमार खेडिया और कंपाउंडर राजेश कुमार सैनी की टीम ने 524 रोगियों को परामर्श दिया और निशुल्क औषधियां वितरित कीं। शिविर में सहमति से विभाजन के 24 और शुद्धिकरण के 58 मामलों का निस्तारण किया गया। 65 जाति, मूल निवास व हैसियत प्रमाण पत्र मौके पर ही जारी किए गए, जबकि 15 नए पट्टे भी वितरित किए गए। डॉ. रामावतार गोयल ने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग ने 369 बीमार पशुओं का उपचार किया। 360 पशुओं का टीकाकरण किया गया और 75 पशुपालकों को मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की पॉलिसी बांटी गई। टूलकिट सहायता योजना के तहत 32 आवेदन स्वीकृत किए गए और ₹64,000 की राशि स्वीकृत की गई। सहायक कृषि अधिकारी रामराय जाट और कृषि पर्यवेक्षक रामरतन सैनी ने 885 किसानों को विभागीय योजनाओं व फसल बीमा की जानकारी दी। जल संसाधन विभाग के मुकेश गुर्जर ने बांध व नहरों की मरम्मत के प्रस्ताव तैयार किए, जबकि परिवहन विभाग ने 2 पात्र नागरिकों के पास जारी किए। शिविर में कचरा निपटान और पेयजल संबंधी समस्याओं पर भी ध्यान दिया गया। इस दौरान उपखंड अधिकारी गुलाब सिंह और तहसीलदार कैलाश मीना मौजूद रहे।