जोधपुर शहर की चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने USDT क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर लाखों रुपए की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी आसिफ चांद खान को नवी मुंबई से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक व्यक्ति को कम समय में ज्यादा मुनाफे का लालच देकर करीब 21 लाख 50 हजार रुपए हड़प लिए थे। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कमल शेखावत के अनुसार - सदर बाजार थाना क्षेत्र के घास मंडी निवासी हबीबुर्रहमान की फेसबुक के माध्यम से 'मो. मोहिद' नामक व्यक्ति से पहचान हुई थी। उस शख्स ने हबीबुर्रहमान को क्रिप्टो करेंसी में कम समय में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। उसका विश्वास जीतने के लिए 21 अगस्त 2025 को पहली मुलाकात में आरोपी के एक सहयोगी ने एम्स रोड पर पीड़ित से 35 हजार रुपए लिए और थोड़ी ही देर में उसे भरोसे के लिए 37 हजार रुपए वापस लौटा दिए। इससे पीड़ित को मुनाफे का यकीन हो गया। कार में बैठाकर बैग छीना और हुए फरार पुलिस के अनुसार ठगी के दूसरे चरण में 23 अगस्त 2025 को आरोपी ने पीड़ित को 21.50 लाख रुपए लेकर एम्स रोड स्थित मंगलम कैफे के पास बुलाया। वहां उसे एक सफेद कार में बैठे तीन व्यक्तियों से मिलवाया गया, जिन्होंने रुपये गिनने के बहाने उसे गाड़ी में बैठा लिया। आरोपियों ने उसे शहर में घुमाया और फिर जुणावा ढाणी के पास सुनसान स्थान पर ले जाकर रुपयों से भरा बैग छीन लिया। उसी समय वहां एक काली स्कॉर्पियो आई, जिसमें सवार अन्य साथी रुपये लेकर फरार हो गए। घटना के बाद आरोपी ने व्हाट्सअप पर पैसा लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में चैट डिलीट कर संपर्क तोड़ दिया। मुंबई में बैठकर सोशल मीडिया पर चलाता था सिंडिकेट पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी आसिफ चांद खान मूल रूप से मुंबई के गोवंडी (शिवाजी नगर) का रहने वाला है, जो वर्तमान में नवी मुंबई के उलवे में रह रहा था। वह मुंबई में बैठकर सोशल मीडिया पर 'USDT Bulk Buyer' जैसी विभिन्न फर्जी आईडी बनाकर लोगों से संपर्क करता था। वह बल्क में कम कीमत पर यूएसडीटी दिलाने का लालच देता था और देशभर में जहां भी खरीदार मिलते, वहां अपने सहयोगियों को भेजकर वारदात को अंजाम दिलवाता था। ठगी के दौरान ये शातिर पीड़ितों को यूएसडीटी ट्रांसफर होने का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर मौके से फरार हो जाते थे। पांच दिन की मशक्कत से पकड़ में आया मास्टरमाइंड इस मामले में पूर्व में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर निवासी सह-आरोपी रंजय कुमार सिंह को गिरफ्तार किया था। मास्टरमाइंड की तलाश में थानाधिकारी ईश्वरचन्द्र पारीक के नेतृत्व में एएसआई अनिल कुमार और साइबर सेल के हेड कांस्टेबल प्रेम चौधरी की टीम ने नवी मुंबई में पांच दिन तक लगातार पीछा किया। टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर आरोपी को नवी मुंबई के उलवे से पकड़ लिया गया। पुलिस इस विशेष टीम में कांस्टेबल दिनेश पटेल, देवेन्द्र पटेल और बाबुलाल भी शामिल रहे। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और उससे गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है।