नागौर| शहर के बाजरवाड़ा में साहित्य कला धर्म संस्कृति सेवा समिति की ओर से आयोजित रामलीला के आठवें दिन का मंचन धूमधाम से हुआ। प्रमुख प्रसंग में हनुमान द्वारा अशोक वाटिका उजाड़ने के बाद लंका दहन और राम के पास लौटने का दृश्य दिखाया गया। शुरुआत में रावण ने विभीषण को निष्कासित किया, जिसके बाद विभीषण राम की शरण में पहुंचे। इसके साथ ही गुप्तचर के रूप में आए सुखसारण पकड़े गए और क्षमा मांगकर लौटे, फिर रावण को राम की महिमा बताई। अंगद का शांति संदेश लेकर दरबार में जाना और पैर न उठ पाने वाला दृश्य दर्शकों का आकर्षण रहा। युद्ध दृश्य में लक्ष्मण को शक्ति-बाण लगने पर राम का विलाप मार्मिक रहा।