पीएम नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। इसे लेकर प्रशासन, सरकार और बीजेपी की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं। रिफाइनरी के पास जनसभा के लिए डोम लगाने का काम शुरू हो गया है। बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ सोमवार को पहले जैसलमेर फिर शाम को बाड़मेर आएंगे। जहां वे पीएम दौरे को लेकर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मीटिंग करेंगे। पदाधिकारी मैदान में, रूट मैप की तैयारी शुरू जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्लानिंग के साथ मैदान में उतर चुके हैं। सोमवार को प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के साथ बैठक होगी, जिसमें रूट मैप तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है और यह परियोजना देश की खुशहाली व युवाओं को रोजगार देने में महत्वपूर्ण साबित होगी। रिफाइनरी के सामने हाईवे पार बन रहा विशाल डोम पचपदरा रिफाइनरी के सामने हाईवे के दूसरी ओर जनसभा के लिए बड़े डोम का निर्माण शुरू हो गया है। यहां बड़ी संख्या में लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। जिला कलेक्टर की ओर से विभिन्न अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके। अधिकारियों की बैठक में दिए गए जरूरी निर्देश पीएम दौरे के प्रोटोकॉल को लेकर शुक्रवार को बाड़मेर के कार्यवाहक जिला कलेक्टर सुशील कुमार यादव ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। रिफाइनरी का अधिकांश काम पूरा हो चुका है और निर्माण के दौरान ही बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला है। उत्पादन शुरू होने के बाद रोजगार के और अवसर बढ़ने की उम्मीद है। रिफाइनरी का दो बार हुआ शिलान्यास पचपदरा रिफाइनरी का पहला शिलान्यास 22 सितंबर 2013 को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने किया था। उस समय परियोजना की लागत करीब 37,230 करोड़ रुपए थी और राज्य में अशोक गहलोत की सरकार थी। लागत बढ़कर 79,459 करोड़ रुपए तक पहुंची सत्ता परिवर्तन के बाद परियोजना की शर्तों में बदलाव किया गया और 16 जनवरी 2018 को पीएम नरेंद्र मोदी ने दोबारा इसका शुभारंभ किया। तब इसकी लागत बढ़कर 43,129 करोड़ रुपए हो गई। बाद में 2 जून 2023 को लागत बढ़कर 72,937 करोड़ रुपए पहुंच गई। भजनलाल सरकार के दौरान 24 जुलाई 2025 को कंपनी ने लागत का संशोधित प्रस्ताव दिया, जिसके बाद परियोजना की कुल लागत बढ़कर 79,459 करोड़ रुपए हो गई। यह रिफाइनरी एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है।