पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि दुनिया जहां नए ऑर्डर की तलाश में है। कुछ लोग भारत में डिसऑर्डर के सपने देख रहे हैं। कुछ लोग दुनिया में जाकर भारत को बदनाम कर रहे हैं। मोदी ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि पता नहीं कब तक कांग्रेस अपने फेल प्रोडक्ट की लॉन्चिंग के लिए देश को दांव पर लगाती रहेगी। मोदी नई दिल्ली में NDTV वर्ल्ड समिट 2026 में स्पीच दे रहे थे। यहां उन्होंने दुनिया की मौजूदा राजनीति, अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भारत की भूमिका पर बात की पीएम ने कहा कि कोरोना के समय जब दुनिया को सहयोग की जरूरत थी, तब सबने अपने स्वार्थ को प्राथमिकता दी। तब मैंने कहा था कि दुनिया के लिए एक नए वर्ल्ड ऑर्डर की जरूरत है। पीएम की स्पीच की बड़ी बातें… दुनिया के बदले हालात पर: आजकल नए वर्ल्ड ऑर्डर की चर्चा भी हर कोई कर रहा है, क्योंकि इसका असर आम लोगों के जीवन पर पड़ रहा है। समझना होगा कि वर्ल्ड ऑर्डर बदल क्यों रहा है और भारत की भूमिका क्या है। दूसरे विश्व युद्ध ने दुनिया को एक बड़ा सबक दिया था। दुनिया ने समझा था कि सम्मान, सहयोग और विवादों का समाधान भी जरूरी है। इसी ने यूएन की नींव रखी। यूएन के सामने चुनौतियां: टेक्नोलॉजी ने दुनिया को पूरी तरह बदल दिया। पहले जो देश उस वक्त ग्लोबल ऑर्डर का हिस्सा नहीं थे, अब वो भी आ गए हैं। यूएन के सामने आज की चुनौतियां साफ दिखाई देती हैं। जब दुनिया की समस्याएं बदल जाएं और समाधान का तरीका नहीं बदले तो दूरियां दिखती हैं। आज वही हो रहा है। होर्मुज और तनाव पर: आज ट्रेड वेपनाइजेशन का माध्यम बन रहा है, समुद्री रास्ते आज जियोपॉलिटिकल टेंशन का केंद्र बन रहे हैं। चुनौती ये है कि नई वास्तविकताओं को जगह कैसे मिले। यहां से भारत की भूमिका भी सामने आती है। 2020 में मैंने कहा था कि दुनिया के लिए एक नए वर्ल्ड ऑर्डर की जरूरत है यानी ऐसी व्यवस्था, जिसके केंद्र में लोग हों। ये भी समझना जरूरी है कि हम कैसे इस बदलती दुनिया में बदलती आवाजों को भी मुख्यधारा का हिस्सा बना सकेंगे। हमारे यहां चाणक्य ने कहा है कि व्यवस्था कमजोर पड़ती है तो मत्स्य न्याय पैदा होता है। यानी बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है। भारत की भूमिका पर : भारत जितना मजबूत होगा दुनिया भी उतनी ही मजबूत होगी। भारत दुनिया की टॉप 3 अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की कोशिश कर रहा है। देश ने वो दिन देखे हैं जब बिजली की डिमांड बढ़ने पर पूरा ग्रिड बैठ जाया करती थी। जब देश एक साथ चलता है तो पावर ग्रिड बैठती नहीं है, आगे बढ़ जाती है। दुनिया के आधे से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स भारत में हैं यानी भारत का रोल बदल रहा है। भारत की पहचान बदल रही है। पहले जो दुनिया भारत की मैनपावर पर भरोसा करती थी, आज वही दुनिया हमारी माइंड पावर पर भी भरोसा कर रही है। विकसित भारत पर: हमारे पास विकसित भारत का लक्ष्य है। हमारे सामने एक ही सपना है वी विल डू इट। वी विल डू इट, हम नई ऊंचाइयां छुएंगे। भारत पूरी दुनिया के सामने अपने-आप को मजबूती से रखेगा। मुझे उम्मीद है कि भारत अपनी सभी आकांक्षाओं पर खरा उतरेगा। पीएम बोले- परिवार कांग्रेस पर बोझ बना पीएम मोदी ने कहा- पता नहीं कांग्रेस कब तक अपने नेता को लॉन्च करती रहेगी। साल भर में श्रीहरिकोटा से जितनी लॉन्चिंग नहीं होती, उतनी कांग्रेस के नेता की होती है। आज परिवार कांग्रेस पर बोझ बन चुका है। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… शाह बोले-कांग्रेस 30 साल तक सत्ता में नहीं आएगी: राहुल का नाम लिए बिना कहा- प्रदर्शन और धरने से कुछ नहीं होगा; जनता के बीच जाएं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन और धरने से कुछ हासिल नहीं होता। चुनाव जीतना है तो जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं समझनी होंगी और कल्याणकारी योजनाओं पर काम करना होगा। पढ़ें पूरी खबर…