नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एनएच-52 पर अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए विदेशी किस्म का गांजा और स्मैक जब्त की है। निवाई क्षेत्र में 4 किलो 985 ग्राम गांजा, जबकि मेहंदवास क्षेत्र में 129.93 ग्राम स्मैक बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस दोनों मामलों में नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन और स्थानीय नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। एसपी रोशन मीणा ने बताया कि निवाई थाना पुलिस और उनकी टीम ने निवाई में जयसिंहपुरा मोड़ के पास मोटरसाइकिल सवार अहमदपुरा उर्फ कैथुनिया निवासी 20 वर्षीय लालाराम सांसी की गतिविधि संदिग्ध लगने पर उसकी तलाशी ली तो उसके मोटरसाइकिल बैग से 4 किलो 985 ग्राम विदेशी गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किया। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 5 करोड़ रुपए बताई गई है। इसी तरह मेहंदवास थाना पुलिस ने सोनवा टोल प्लाजा के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे कुम्हारों की चौकी निवासी 25 वर्षीय निजामुद्दीन पठान की तलाशी ली। उसके पास से 129.93 ग्राम स्मैक मिली। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया और एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया। जब्त स्मैक की कीमत करीब 27 लाख आंकी गई है। एसपी ने बताया कि दोनों से पूछताछ कर सप्लायर, खरीदार और स्थानीय नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। खास तौर पर जिले में पहली बार जब्त ओजी गांजे की सप्लाई चैन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। सप्लायर से डिलीवरी लेने वाले तक जांच : निवाई थानाधिकारी घासीराम ने बताया कि कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार तस्कर लालाराम सांसी पर पूर्व में एक्साइज एक्ट व चोरी के मामले दर्ज है, उससे पूछताछ में सामने आया कि ओजी गांजा विदेश से अवैध रूप से भारत लाया जाता है। ऑनलाइन व अवैध बाजार में इसकी कीमत काफी है, हालांकि वास्तविक कीमत का आकलन किया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इसमें टीएचसी घटक की मात्रा अधिक होने से नशे का प्रभाव तीव्र होता है। पुलिस अब खेप के भारत पहुंचने के माध्यम, सप्लायर और निवाई में डिलीवरी लेने वाले व्यक्ति का पता लगाने में जुटी है। सोनवा टोल प्लाजा एनएच-52 पर मेहंदवास थाना और डीएसटी की संयुक्त कार्रवाई में संदिग्ध मिले निजामुद्दीन खान पठान की तलाशी में उसके जेब से 129.93 ग्राम स्मैक बरामद हुआ। पूछताछ में संतोषप्रद जवाब नही मिलने पर उसके पास मिली स्मैक को जब्त कर गिरफ्तार कर लिया। थानाधिकारी रामसिंह यादव ने बताया कि थाने में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उसकी आपूर्ति और नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू कर दी गई है। क्या है ‘ओजी’ गांजा - ‘ओजी’ गांजा विदेशी बाजार में प्रचलित हाई-ग्रेड कैनाबिस की एक किस्म मानी जाती है। इसमें सामान्य गांजे की तुलना में नशे का प्रभाव अधिक होने की आशंका रहती है। इसका इस्तेमाल अवैध बाजार में महंगे नशीले पदार्थ के रूप में किया जाता है। पुलिस के अनुसार जब्त गांजे की वास्तविक गुणवत्ता, उसमें मौजूद टीएचसी की मात्रा और रासायनिक संरचना की पुष्टि विशेषज्ञ जांच के बाद होगी। फिलहाल इसे विदेशी गांजे की खेप माना जा रहा है।