साइबर ठगी के बढ़ते ग्राफ पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने अब आमजन को अपना हथियार बनाया है। 'साइबर दोस्त' नाम की इस खास पहल के जरिए अब हर नागरिक ठगों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद कर सकेगा। इसके लिए एक विशेष नंबर 9319301930 जारी किया गया है, जिस पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों की शिकायत की जा सकेगी। एडिशनल एसपी डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि अक्सर लोगों के पास ठगी की नीयत से कॉल या वॉट्सएप मैसेज आते हैं। सतर्कता के कारण लोग बच तो जाते हैं, लेकिन उन नंबरों को नजरअंदाज कर देते हैं। अब ऐसे किसी भी संदिग्ध नंबर को 'साइबर दोस्त' पर रिपोर्ट किया जा सकेगा, ताकि किसी और को शिकार होने से बचाया जा सके। साइबर अपराधों पर नियंत्रण तभी संभव है जब जनता जागरूक हो। साइबर दोस्त सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि ठगों के नेटवर्क को कमजोर करने की एक बड़ी मुहिम है। आपकी एक रिपोर्ट किसी की मेहनत की कमाई बचा सकती है। अगर ठगी हो गई है, तो यहां करें कॉल पुलिस ने साफ किया है कि 'साइबर दोस्त' नंबर केवल संदिग्ध नंबरों की रिपोर्टिंग के लिए है। यदि आपके साथ ठगी की वारदात हो चुकी है, तो समय बर्बाद नहीं करें और तुरंत नेशनल हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। ऐसे काम करेगा 'साइबर दोस्त' यह एक नेशनल डेटाबेस सिस्टम है जो संदिग्ध नंबरों की कुंडली तैयार करता है।