मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में 27 अफसरों के खिलाफ कुल 21 मामलों में मुकदमा चलाने की मंजूरी (अभियोजन स्वीकृति) दी है। सीएम की मंजूरी के बाद अब 27 अफसरों के खिलाफ एसीबी अब भ्रष्टाचार के मामलों में केस आगे बढ़ाएगी। मुख्यमंत्री ने जिन अफसरों के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दी है, उनमें दो एसडीएम और एक डिप्टी एसपी भी शामिल हैं। हालांकि सभी 27 अफसरों के नामों का खुलासा नहीं किया है। गलत तरीके से लैंड कंवर्जन करने के मामले में एक एसडीएम के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दी है, इस मामले में कृषि जमीन का नियमों के खिलाफ जाकर गैर कृषि उपयोग के ​लिए लैंड कंवर्जन किया था। एक एसडीएम के खिलाफ पद का दुरुपयोग कर जमीन से जुड़े मामले में गलत फैसला देने का आरोप था। इस मामले में जमीन का गलत तरीके से खातेदारी का दावा डिक्री करवाया गया था। करोड़ों की अवैध प्रॉपर्टी, डीएसपी के खिलाफ चलेगा केस भ्रष्टाचार से करोड़ों की अवैध प्रॉपर्टी बनाने वाले डीएसपी के खिलाफ भी एसीबी में केस चलाने की मंजूरी दी है। डीएसपी पर भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त होने और अवैध रूप से पैया लेकर आय से ज्यादा प्रॉपर्टी जुटाने का आरोप है। एसीबी ने आय से अधिक प्रोपर्टी का केस दर्ज किया था। कृषि विभाग के सबसे ज्यादा 5 अफसरों के खिलाफ चलेगा केस सीएम ने अलग-अलग विभागों के अफसरों के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी दी है उनमें कृषि विभाग के सबसे ज्यादा 5 अफसर शामिल हैं। पीडब्ल्यूडी के 3, वाणिज्यिक कर विभाग के 2, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा विभाग, देवस्थान विभाग, इंदिरा गांधी नहर परियोजना और सहकारिता विभाग के 1-1 मामले में अफसरों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति दी है। एक बीडीओ और लेखा सेवा के अफसर के खिलाफ भी चलेगा केस सीएम ने राजस्थान लेखा सेवा के एक अफसर और एक विकास अधिकारी (BDO) के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में केस चलाने की हरी झंडी दी है। इन दोनों अफसरों के खिलाफ भी एसीबी में केस दर्ज था, अब सीएम की मंजूरी के बाद केस चल सकेगा।