मध्यप्रदेश के तीन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने पर राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा- आम जनता के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय भाजपा अपने अंदरूनी झगड़े को सुलझाए। यह तय करें कि ये सच्चाई है या षडयंत्र है। गोविंद सिंह डोटासरा उदयपुर के एक कार्यक्रम में मीडिया से बात कर रहे थे। डोटासरा ने कहा- वसुंधरा राजे के मामले में कांग्रेस के लोगों को पकड़ रहे हैं। जबकि होना यह चाहिए था कि ये किसने टाइप किया और सबसे पहले किसने पोस्ट किए। राजे के खिलाफ कौन साजिश कर रहा है, यह तो पता चले। कांग्रेस को क्यों दोष दे रहे हो। जिनको पकड़ा है, अगर उन्होंने ही पहली बार पोस्ट किया है तो उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन सब जगह पोस्ट चली। सबने लगाई तो सब पर कार्रवाई होनी चाहिए। इन पर ही क्यों। डोटासरा ने कहा- मुझे तो लग रहा है सब कुछ बदलेगा, नहीं बदला तो यहां भाजपा का नाम लेने वाला कोई नहीं होगा। राजस्थान में एमएलए और मंत्री भी ले दे कर काम करवा रहे हैं। महिला आरक्षण के सवाल पर डोटासरा ने कहा- इस मामले में कांग्रेस सफाई नहीं दे रही है। कांग्रेस तो इनको घेर रही है। आज की तारीख में नारी अधिनियम लागू है। इस सरकार को तो उसकी क्रियान्वित करनी है, लेकिन ये लेकर बैठे हुए हैं। अब दुबारा संशोधन लेकर आ रहे हैं। ये लोग परिसीमन मर्जी से कैसे बनाएंगे। रिफाइनरी के सवाल पर पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा- रिफाइनरी की सोच कांग्रेस की है, सोनिया गांधी ने इसका शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री को तो विदेश में घुमने से फुर्सत नहीं। पीएम ने समय नहीं दिया। चार महीने पहले शुरू हो जाती तो आज जो विकट स्थितियां है, उसमें मदद मिलती। उन्होंने कहा- पीएम के आने से पहले हादसा होनेा दुर्भाग्यपूर्ण भी है और गंभीर चूक है। डबल इंजन की सरकार लगी हुई है। फिर भी इतनी बड़ी चूक। पीएम अंदर होते, बाहर लाखों लोग होते। तब हादसा हो जाता तो हम तो मुंह दिखाने लायक भी नहीं होते। ये साजिश है, दुर्घटना है। पता करना सरकार का काम है। इसकी पूरी बात सामने आनी चाहिए। मतदाता सूची एवं लोकतंत्र पर चिंता जताई उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लगभग 29 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिससे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ है। संविधान प्रत्येक नागरिक को मतदान का अधिकार देता है। इस प्रकार की कार्रवाई लोकतंत्र के खिलाफ है। चिंता का विषय है। पंचायत चुनाव पर भी बोले राजस्थान में लंबित पंचायतीराज चुनावों पर डोटासरा ने कहा- सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार को ओबीसी आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक कर चुनाव करवाने चाहिए थे। सरकार चुनाव टालने के लिए प्रशासकों के माध्यम से काम चला रही है। ओबीसी आयोग का गठन तो किया गया। लेकिन उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई। कांग्रेस की मांग है कि ओबीसी डेटा जनता के सामने लाया जाए। संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार चुनाव कराए जाएं। पश्चिम बंगाल चुनाव पर प्रतिक्रिया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने कहा- भाजपा ने पूरी ताकत लगा दी है, लेकिन राज्य में पुनः तृणमूल कांग्रेस की सरकार बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस ने भी वहां मजबूती से चुनाव लड़ा है। पार्टी को अच्छा समर्थन मिलेगा। ये खबरें भी पढ़े… भोपाल में कांग्रेस IT सेल के 3 वर्कर्स हिरासत में:वसुंधरा राजे का कथित पत्र वायरल किया; राजस्थान लेकर जाएगी पुलिस, जीतू पटवारी बोले- झुकेंगे नहीं BJP प्रदेश प्रभारी बोले-वसुंधरा को बेबस कहेंगे तो लोग हंसेंगे:वे प्रभावी मुख्यमंत्री रही हैं, अब हमने बहुत प्रभावी डिप्टी सीएम दी है