राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में मौजूदा क्रिकेट सीजन शुरू होने से पहले ही विवाद गहराने लगा है। ताजा मामला भरतपुर जिला क्रिकेट संघ से जुड़ा है,जहां कॉल्विन शील्ड क्रिकेट टूर्नामेंट के ट्रायल के दौरान खिलाड़ियों को मैदान में एंट्री तक नहीं दिए जाने का आरोप लगा है। मामला बढ़ने के बाद खिलाड़ियों ने जिला क्रिकेट संघ के सचिव पर भेदभाव, पक्षपात और मनमानी के गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, अब खिलाड़ियों ने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन से निष्पक्ष ट्रायल कराने की मांग की है। खिलाड़ियों को मैदान में नहीं दी एंट्री दरअसल, भरतपुर जिला क्रिकेट संघ ने 4 मई को कॉल्विन शील्ड क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए ट्रायल आयोजित किए थे। ट्रायल में बड़ी संख्या में खिलाड़ी पहुंचे, लेकिन पूर्व में जिला संघ की ओर से बैन किए गए खिलाड़ियों को मैदान में प्रवेश नहीं दिया गया। खिलाड़ियों का आरोप है कि RCA की ओर से बैन हटाने के आदेश जारी होने के बावजूद उन्हें ट्रायल से बाहर रखा गया और मैदान के गेट तक बंद कर दिए गए। ट्रायल के दौरान भी निष्पक्ष व्यवहार नहीं करने का लगाया आरोप मामले की शिकायत राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन तक पहुंची, जिसके बाद एडहॉक कमेटी के कन्वीनर मोहित यादव की दखल के बाद खिलाड़ियों को ट्रायल में शामिल होने का मौका मिला। हालांकि विवाद यहीं नहीं रुका। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि ट्रायल के दौरान भी उनके साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं किया गया। ट्रायल देने पहुंचे खिलाड़ी क्या बोले, पढ़िए 1- ट्रायल देने पहुंचे खिलाड़ी हर्ष मीणा ने कहा कि जिला क्रिकेट संघ लगातार खिलाड़ियों के साथ भेदभाव कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने पर उन पर बैन लगा दिया गया था। RCA की ओर से बैन हटाने के बावजूद जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि ट्रायल से कुछ नहीं होगा, चयन वही करेंगे। हर्ष ने मांग की कि ट्रायल पूरी तरह RCA की निगरानी में करवाए जाएं ताकि खिलाड़ियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। 2- खिलाड़ी सारांश राजपूत ने कहा कि जब वे ट्रायल देने पहुंचे तो मैदान के दरवाजों पर ताला लगा हुआ था। उन्होंने इसे खिलाड़ियों के साथ अन्याय बताते हुए दोबारा निष्पक्ष ट्रायल कराने की मांग की। RCA एडहॉक कमेटी के कन्वीनर बोले- नियमानुसार होगी कार्रवाई मामले को लेकर RCA एडहॉक कमेटी के कन्वीनर मोहित यादव ने कहा कि वर्तमान कमेटी ने पहले जिला संघों की ओर से लगाए गए बैन हटाने का फैसला लिया था। उन्होंने बताया कि भरतपुर से कुछ खिलाड़ियों की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद जिला संघ को जवाब भेजा गया और खिलाड़ियों को ट्रायल में शामिल होने का मौका दिया गया। हालांकि अब ट्रायल प्रक्रिया को लेकर नई शिकायतें सामने आ रही हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। जांच के बाद नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी। भरतपुर जिला क्रिकेट संघ ने आरोपों को किया खारिज भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव शत्रुघ्न तिवारी ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि सभी खिलाड़ियों को ट्रायल का अवसर दिया गया था और अभी टीम का चयन भी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि अंतिम चयन सिलेक्शन कमेटी द्वारा किया जाएगा, जिसमें उनकी कोई भूमिका नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रायल के दौरान हर्ष मीणा नाम के खिलाड़ी ने विवाद पैदा करने की कोशिश की और जिला संघ के पदाधिकारियों के साथ अभद्रता भी की, जिसकी शिकायत RCA को कर दी गई है।