सिरोही में राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ के आह्वान पर विद्युत निगम के कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने ऊर्जा विभाग के शासन सचिव को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें संगठन की मांगों को पूरा करने की अपील की गई। जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ के बैनर तले शिवगंज डिस्कॉम के कर्मचारियों ने निजीकरण के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने जिला प्रशासन के माध्यम से ऊर्जा विभाग की शासन सचिव आरती डोगरा के नाम ज्ञापन सौंपा। मांगों पर नहीं हुई सकारात्मक कार्रवाई ज्ञापन में बताया गया कि 12 अगस्त 2025 को ऊर्जा मंत्री की अध्यक्षता और शासन सचिव की उपस्थिति में विद्युत प्रशासन के साथ राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ की बैठक हुई थी। इस बैठक में विद्युत निगम में विभिन्न मॉडलों पर किए जा रहे निजीकरण को रोकने और मांग पत्र की मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, विभाग ने अभी तक उन मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की है। इससे पहले, 26 दिसंबर को भारतीय मजदूर संघ राजस्थान प्रदेश की ओर से संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की आक्रोश रैली और विशाल सभा आयोजित की गई थी। इस दौरान मुख्यमंत्री को भी विद्युत क्षेत्र के कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराते हुए एक मांग पत्र सौंपा गया था। मुख्यमंत्री के निर्देश के बावजूद, विद्युत प्रशासन ने आज तक मांगों पर कोई सकारात्मक परिणाम नहीं दिया है। निजीकरण करने का विरोध वर्तमान में विद्युत निगम के निजीकरण, विशेषकर जोधपुर डिस्कॉम को निजीकरण में धकेलने के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे हजारों कर्मचारी और उनके परिवार अंधकार में धकेलने की आशंका है। संगठन इन प्रयासों का घोर विरोध करता है। राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से पुनः निवेदन किया है कि यदि शीघ्र ही विद्युत निगम के अलग-अलग नाम से किए जा रहे निजीकरण को नहीं रोका गया और विद्युत कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो संगठन आंदोलन करेगा। प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी इसके तहत 6 मई को तहसील मुख्यालय और जिला मुख्यालय स्तर पर, तथा 20 मई को डिस्कॉम मुख्यालय स्तर पर धरना एवं प्रदर्शन किया जाएगा। यदि इसके बाद भी विद्युत प्रशासन कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो राजस्थान विद्युत श्रमिक संघ 10 जून को विद्युत भवन, जयपुर पर आंदोलनकारी कदम उठाने पर विवश होगा। इस औद्योगिक अशांति की समस्त जिम्मेदारी विद्युत प्रशासन की होगी।