राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सिविल सेवा अपीलेट अधिकरण (रेट) की जोधपुर स्थायी पीठ में सदस्य नियुक्त करने के लिए राज्य सरकार को 30 नवंबर तक का समय दिया है। नियुक्ति नहीं हुई तो मुख्य सचिव या कार्मिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को 3 दिसंबर को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देना होगा। वरिष्ठ न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर और न्यायाधीश चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिल भंडारी, दिलीप सिंह उदावत, शीतल कुंभट और अरुण झांझरिया ने पैरवी की। उन्होंने बताया कि सदस्य की मृत्यु के बाद से जोधपुर पीठ में यह पद खाली है। हाईकोर्ट तीन बार दे चुकी नियुक्ति के निर्देश हाईकोर्ट ने 5 अगस्त, 9 अगस्त और 17 सितंबर को राज्य सरकार को जल्द नियुक्ति के निर्देश दिए थे। याचिकाकर्ता के मुताबिक- अब तक नियुक्ति के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। इसके चलते अधिकरण में लंबित मामलों की संख्या बढ़ रही है और पक्षकारों को परेशानी हो रही है। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने कोर्ट को जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के सेवा विस्तार से जुड़े नियमों का भी हवाला दिया। खंडपीठ ने कहा- उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को अधिकतम 65 वर्ष की उम्र तक ही सेवा विस्तार दिया जा सकेगा। जिन सदस्यों के खिलाफ अनुशासनात्मक या प्रशासनिक कार्रवाई लंबित है, उन्हें सेवा विस्तार देना राज्य सरकार के लिए जरूरी नहीं होगा। सरकार इस बारे में फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है।