राजस्थान हाईकोर्ट ने मेडिकल एजुकेशन विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2021 का रास्ता साफ कर दिया है। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने सरकार और RPSC की अपील को स्वीकार करते हुए एकलपीठ के भर्ती परिणाम कैंसिल करने के आदेश को रद्द कर दिया। एकलपीठ ने डॉ. रचिता माथुर की याचिका स्वीकार करते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के परिणाम को 10 जनवरी 2025 के आदेश से रद्द करते हुए संशोधित नियमों के तहत फिर से जारी करने के लिए कहा था। इसके चलते पूरी भर्ती प्रक्रिया अटक गई थी। इस पर सरकार और RPSC ने एकलपीठ के आदेश के खिलाफ अपील करते हुए कहा था कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में संशोधन हुआ है। ऐसे में संशोधित नियमों को पुरानी भर्ती (बैकडेट) में लागू नहीं किया जा सकता है। दो भर्तियों का खुला रास्ता राज्य सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अतिरिक्त महाधिवक्ता विज्ञान शाह ने बताया- खंडपीठ के इस आदेश से मेडिकल एजुकेशन की असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2021 और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2025 का रास्ता खुल गया है। अब RPSC इन दोनों भर्तियों में नियुक्तियां दे सकेंगी। उन्होंने बताया कि एकलपीठ के आदेश के बाद साल 2021 में निकाले गए 397 पदों पर नियुक्तियां अटकी हुई थी। इन पदों पर नियुक्ति नहीं होने से आयोग साल 2025 में 450 पदों पर निकाली गई असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के पदों पर भी नियुक्तियां नहीं दे रहा था। आयोग का कहना है कि कई अभ्यर्थी ऐसे थे, जिन्होंने दोनों भर्ती परीक्षाएं दी थी। ऐसे में अगर बाद वाली भर्ती में किसी को नियुक्ति दे दी जाती और उसका चयन पहले वाली भर्ती में भी हुआ है तो इससे सीनियरिटी सहित कई विवाद उत्पन्न हो जाते। अब दोनों भर्तियों में नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। यह था पूरा विवाद दरअसल, विवाद 27 नवंबर 2021 को जारी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती विज्ञापन से जुड़ा था। इस भर्ती के तहत मेडिकल एजुकेशन विभाग में 43 विषयों के 397 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियां होनी थी। डॉ. रचिता माथुर ने स्किन एंड वीडी विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन किया था। इस विषय में केवल 3 पद पर भर्ती निकली थी। RPSC ने ज्यादा आवेदन मिलने के कारण 6 मई 2022 को स्क्रीनिंग टेस्ट किया था। आयोग की 10 मई 2022 की बैठक में चयन के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट को 40, एकेडमिक अंकों के लिए 20 और इंटरव्यू को 40 फीसदी वेटेज देने का निर्णय लिया था। इसी बीच राजस्थान सरकार ने 23 मई 2022 को नियमों में संशोधन किया। संशोधित नियम 19 के अनुसार- चयन में इंटरव्यू के अंक कुल अंकों के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकते थे। डॉ. माथुर का तर्क था कि भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, इसलिए नए नियमों के अनुसार चयन होना चाहिए। उन्होंने इंटरव्यू में 40 फीसदी वेटेज देने को चुनौती दी थी। भर्ती के बीच बदले नियम लागू नहीं होंगे डिविजन बेंच ने कहा- 23 मई 2022 को अधिसूचित संशोधित नियम उसी दिन से लागू हुए थे। इनमें पुराने मामलों पर पूर्वव्यापी प्रभाव देने का प्रावधान नहीं था। ऐसे में नवंबर 2021 में शुरू हुई भर्ती पर इंटरव्यू के अधिकतम 10 प्रतिशत अंक वाला नया नियम लागू नहीं किया जा सकता है। 40 प्रतिशत इंटरव्यू वेटेज मनमाना नहीं खंडपीठ ने कहा- इंटरव्यू के लिए कितने अंक निर्धारित किए जाएं। यह संबंधित सेवा की जरूरतों और विशेषज्ञों के आकलन पर निर्भर करता है। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि सभी भर्तियों के लिए इंटरव्यू के अंकों का एक ही निश्चित अनुपात तय नहीं किया जा सकता है। इसलिए केवल 40 प्रतिशत वेटेज होने के आधार पर चयन प्रक्रिया को गलत नहीं ठहराया जा सकता है। यह मनमाना नहीं है।