राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में जूनियर साइंटिफिक ऑफिसर (जेएसओ) पदों पर हो रही नियुक्तियों को याचिका के अंतिम फैसले के अधीन रखा है। जस्टिस कुलदीप माथुर की एकलपीठ ने राज्य सरकार और बोर्ड को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता सतीश कुमार अमेता की ओर से अधिवक्ता आर.सी. जोशी ने कोर्ट में कहा कि अमेता को लिखित परीक्षा में 206 अंक मिले थे। सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 198 अंक थी। दस्तावेज सत्यापन सूची में नाम होने के बावजूद उन्हें अंतिम चयन सूची में जगह नहीं मिली। याचिका में आरोप लगाया गया कि आरक्षित और पिछड़े वर्ग के भूतपूर्व सैनिकों को सामान्य वर्ग की सीटों पर समायोजित किया गया। इससे अधिक अंक पाने वाले योग्य अभ्यर्थी चयन से वंचित रह गए। हाईकोर्ट ने विपक्षी संख्या 4 को नोटिस जारी कर 27 नवंबर तक जवाब मांगा है। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता महेंद्र विश्नोई ने नोटिस स्वीकार किया।