राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने कनिष्ठ अभियंता (JE) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 की पुनर्परीक्षा (12 सितंबर 2021) के पेपर लीक मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि साल 2020 की भर्ती परीक्षा रद्द होने के बाद आयोजित पुनर्परीक्षा का पेपर भी परीक्षा से पहले ही लीक होकर पेपर माफिया के पास पहुंच गया था। SOG के एडीजी पुलिस विशाल बंसल ने बताया कि दिसंबर 2020 में आयोजित JE संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 के संबंध में पहले सांगानेर थाने में मामला दर्ज हुआ था। उस मामले की जांच के दौरान खुलासा हुआ कि 12 सितंबर 2021 को आयोजित पुनर्परीक्षा का पेपर भी परीक्षा से पहले लीक हो गया था। इसी आधार पर 19 जनवरी को SOG थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी हर्षवर्धन कुमार मीणा उर्फ बबलू मीणा ने पेपर माफिया से परीक्षा से पहले सॉल्व्ड पेपर प्राप्त किया। इसके बाद उसने अपने सहयोगी रिंकू कुमार शर्मा और लोकेश शर्मा के माध्यम से कई अभ्यर्थियों को 15-15 लाख रुपये लेकर पेपर उपलब्ध कराया, ताकि अवैध आर्थिक लाभ कमाया जा सके। SOG ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में उनसे पूछताछ जारी है और जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता भी खंगाली जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हर्षवर्धन कुमार मीणा उर्फ बबलू मीणा (41) निवासी सालीमपुर, महुवा (दौसा), रिंकू कुमार शर्मा (38) निवासी टोरडा, सिकंदरा (दौसा), वर्तमान निवासी दौसा और लोकेश शर्मा (50) निवासी भरतपुर, वर्तमान निवासी दौसा। आरोपी वर्तमान में निलंबित शिक्षक है और सीबीईओ कार्यालय चाकसू में पदस्थ रहा है।