ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के कनिष्ठ तकनीकी सहायक (जेटीए) अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। वीबी जीरामजी (नरेगा) कार्मिक संघ के बैनर तले डूंगरपुर जिले सहित प्रदेशभर के जेटीए 23 अप्रैल से जिला परिषद कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। संघ ने इस संबंध में जिला कलेक्टर और जिला परिषद सीईओ को ग्रामीण विकास मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि जेटीए और जेईएन के बीच नवीन कार्य विभाजन के लिए पूर्व में जारी आदेशों को विभाग ने स्थगित कर दिया है। इससे जेटीए के प्रति 'दोहरी रणनीति' अपनाई जा रही है। उनका आरोप है कि पर्याप्त संख्या में जेईएन होने के बावजूद जेटीए पर अतिरिक्त कार्यभार डाला जा रहा है, जबकि पंचायत राज विभाग की अन्य योजनाओं का प्रभार उनसे वापस ले लिया गया है। इसके साथ ही नरेगा कार्यों में उपयोगिता एवं पूर्णता प्रमाण पत्र पर वित्तीय सीमा तक संयुक्त हस्ताक्षर करने के संबंध में लंबित कमेटी के निर्णय को जेटीए के पक्ष में लागू करने की मांग की गई है। संघ ने 9 से 18 वर्षों का अनुभव रखने वाले जेटीए को भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार वरिष्ठ तकनीकी सहायक के पद पर संविदा पर ही नियुक्त किए जाने की भी मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता और मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो वे 30 अप्रैल तक जिला परिषद कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना जारी रखेंगे और 1 मई को सभी जेटीए सामूहिक इस्तीफे देंगे।