राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव इस बार कई दिग्गज नेताओं के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गए हैं। पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और राजनीतिक दलों के वर्तमान और पूर्व जिलाध्यक्ष तक जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं। इन नेताओं की नजर सिर्फ सदस्य बनने पर नहीं, बल्कि चुनाव के बाद जिला प्रमुख और प्रधान की कुर्सी तक पहुंचने पर भी है। यही वजह है कि भाजपा और कांग्रेस ने कई जगह सामान्य और ओबीसी वर्ग के वार्डों में अपने वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा है। दूसरी ओर, कई जगह सांसदों और विधायकों के परिवारों के सदस्य भी चुनाव लड़ रहे हैं। पूर्व खेल राज्यमंत्री डॉ. मांगीलाल गरासिया भी मैदान में उदयपुर में पूर्व खेल राज्यमंत्री डॉ. मांगीलाल गरासिया सायरा पंचायत समिति के वार्ड 9 से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। 57 वर्षीय गरासिया सायरा क्षेत्र के पिपरना गांव के निवासी हैं और पीएचडी कर चुके हैं। उनके सामने भाजपा ने थावराराम को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा के थावराराम पेशे से ड्राइवर हैं। 43 साल के थावराराम ने आठवीं तक शिक्षा पूरी की। पूर्व मंत्री के पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ने से इस वार्ड का मुकाबला भी चर्चा में है। इस बार सायरा में एसटी का प्रधान बनेगा। जिला प्रमुख पद अनारक्षित होने से उदयपुर में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने वरिष्ठ नेताओं को जिला परिषद चुनाव में उतारा है। भाजपा की ओर से पूर्व देहात जिलाध्यक्ष डॉ. चंद्रगुप्त सिंह चौहान वार्ड 40 और कांग्रेस ने उदयपुर देहात के पूर्व जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला को वार्ड 2 से मैदान में उतारा है। पूर्व गृहमंत्री का दोहिता भी लड़ रहा पंचायत सदस्य का चुनाव राजस्थान के पूर्व गृहमंत्री स्व. गुलाबसिंह शक्तावत के दोहिता और वल्लभनगर के पूर्व विधायक स्व. गजेंद्र सिंह शक्तावत के भांजे युवा नेता राजसिंह झाला को उदयपुर जिला परिषद में वार्ड 32 से प्रत्याशी बनाया है। उदयपुर में वल्लभनगर से भाजपा के टिकट पर विधायक का चुनाव लड़ चुके हिम्मत सिंह झाला जिला परिषद वार्ड 37 से चुनाव लड़ रहे हैं। बाड़मेर में पूर्व मंत्री गफूर अहमद कांग्रेस की ओर से जिला परिषद के वार्ड 15 से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने वर्तमान जिला अध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा को वार्ड 34 से प्रत्याशी बनाया है। पूर्व सांसद-विधायक लड़ रहे चुनाव डूंगरपुर में पूर्व विधायक पूंजीलाल परमार कांग्रेस के टिकट पर वार्ड 34 पुनाली से मैदान में हैं। वहीं भाजपा ने पूर्व सांसद कनकमल कटारा की बहू और सागवाड़ा की पूर्व विधायक अनिता कटारा को वार्ड 21 भीलूड़ा से उतारा है। अनिता कटारा भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य भी हैं। सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा की बेटी शांति प्रकाश डेंडोर ने भी पंचायत समिति सदस्य के लिए नामांकन दाखिल किया है। राजसमंद में भाजपा ने पूर्व सांसद हरिओम सिंह राठौड़ के बेटे कर्णवीर सिंह को जिला परिषद चुनाव में उतारा है। शेखावाटी में पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार की दो पुत्रवधुएं चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा ने हर्षिनी कुलहरी को वार्ड 5 और अनामिका पूनियां को वार्ड 6 से प्रत्याशी बनाया है। हर्षिनी निवर्तमान झुंझुनूं जिला प्रमुख और भाजपा जिलाध्यक्ष हैं। पूर्व सांसद संतोष अहलावत की पुत्रवधू और पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी की बेटी दीक्षा अहलावत को वार्ड-18 से टिकट दिया गया है। सूरजगढ़ के पूर्व विधायक सुभाष पूनियां के परिवार से जुड़ी सविता पूनियां वार्ड 35 से मैदान में हैं। दौसा में भाजपा ने जिला परिषद के वार्ड 21 में सिकराय विधायक विक्रम बंशीवाल की मां शकुंतला देवी को उतारा है। देखिए पूर्व मंत्री-सांसद और विधायकों की प्रोफाइल- राजस्थान पंचायतीराज चुनाव: कौन नेता कहां से और किस पद के लिए लड़ रहा है? --- ये खबर भी पढ़ें.. पहले चरण में सरपंच-पद के 10 हजार से ज्यादा दावेदार:जानिए 3314 पंचायतों में मैदान में किसने ठोकी ताल, पहली बार भास्कर एप पर सभी चेहरे राजस्थान के पंचायत चुनाव में किस गांव से कौन सरपंच बनेगा? कहां कितने दावेदार हैं? दैनिक भास्कर न्यूज एप पहली बार एक-एक गांव के दावेदारों के नाम लेकर आया है। इसके लिए हमारी टीम राजस्थान के गांव-गांव ढाणी-ढाणी पहुंची। (पूरी खबर पढ़ें)