एआई साइबर हमले से बचने के लिए पुलिस मुख्यालय ने ऑफिशियल मेल आईडी से अमेजन, फ्लिपकार्ट, जोमैटो जैसी ई-कॉमर्स साइट पर अकाउंट बनाने पर रोक लगा दी है। किसी कर्मचारी ने पहले से ऐसे अकाउंट लिंक कर रखे हैं, तो उन्हें तुरंत हटाना होगा। साथ ही सभी सरकारी ई-मेल खातों के कमजोर, पुराने या साझा पासवर्ड फौरन बदलने और मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य करने होंगे। अपराधियों की ओर से एआई आधारित फिशिंग, अनधिकृत एक्सेस और क्रेडेंशियल चोरी की आशंका बनी हुई है। इसे रोकने के लिए सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) में दर्ज संवेदनशील डेटा, जैसे एफआईआर, केस डायरी, गवाहों के बयान, बैंक विवरण और जांच रिपोर्ट तक पहुंच केवल अधिकृत कार्मिकों तक सीमित की जाएगी। इस डेटा का अनधिकृत डाउनलोड, पर्सनल ईमेल पर भेजना अथवा पब्लिक क्लाउड पर अपलोड करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसकी निगरानी के लिए हर माह के दूसरे सोमवार या मंगलवार को सुरक्षा ऑडिट होगी। वर्क फ्रॉम होम या रिमोट एक्सेस के लिए इस्तेमाल होने वाले वीपीएन खातों की समीक्षा की जाएगी और निष्क्रिय खातों को बंद किया जाएगा। साइबर क्राइम के डीजी संजय अग्रवाल ने कंप्यूटर, लैपटॉप और सर्वर में गैर-जरूरी पोर्ट्स व सेवाओं को तुरंत बंद कर सुरक्षा पैच और एंटीवायरस अपडेट रखने, किसी भी तरह के साइबर हमले, मैलवेयर संक्रमण या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में प्रभावित सिस्टम को नेटवर्क से अलग करने, सुरक्षा उपायों पर अमल कर 26 अक्टूबर तक विस्तृत एक्शन रिपोर्ट मुख्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं। क्यों पड़ी जरूरत : एआई टूल्स से हमले की आशंका वर्तमान समय में साइबर अपराधी और हैकर्स सरकारी संस्थानों के ई-मेल सिस्टम, नेटवर्क, सर्वर और डिजिटल संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए उन्नत एआई टूल्स का सहारा ले रहे हैं। इससे फिशिंग, क्रेडेंशियल चोरी और अनधिकृत एक्सेस का जोखिम कई गुना बढ़ गया है। राजकीय ईमेल का निजी उपयोग और क्रेडेंशियल लीक: कर्मचारियों द्वारा आधिकारिक (राजकीय) ईमेल आईडी का उपयोग अमेजन, फ्लिपकार्ट, जोमैटो जैसी निजी या ई-कॉमर्स साइट्स पर अकाउंट बनाने के लिए किया जा रहा था। ऐसी थर्ड-पार्टी साइट्स पर डेटा ब्रीच होने की स्थिति में सरकारी ईमेल और पासवर्ड डार्क वेब पर लीक होने का गंभीर खतरा रहता है। सीसीटीएनएस के अति-संवेदनशील डेटा की सुरक्षा: पुलिस प्रणाली में केस डायरी, एफआईआर, गवाहों के बयान, बैंक विवरण और जांच रिपोर्ट जैसे बेहद गोपनीय और संवेदनशील दस्तावेज मौजूद रहते हैं। यदि यह डेटा अनधिकृत रूप से डाउनलोड, लीक या पर्सनल ईमेल पर भेजा जाता है, तो इससे चल रही जांच और गवाहों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। कमजोर पासवर्ड और निष्क्रिय वीपीएन खाते: सिस्टम में कमजोर या पुराने पासवर्ड का इस्तेमाल होना, मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का अभाव और कर्मचारियों के ट्रांसफर/रिटायरमेंट के बाद भी निष्क्रिय वीपीएन खातों का खुला रहना नेटवर्क में घुसपैठ का आसान रास्ता बन जाता है।