नमस्कार बाबा साहब की जयंती से पहले धौलपुर में अजब-गजब सफाई अभियान चला। फोटो खिंचाने के लिए कचरा बिखेरकर फिर सफाई की गई। दौसा में पेंटर ने पंचायत समिति भवन पर लिखे नाम काले रंग से पोत दिए। टोंक में बच्चे के पुनर्जन्म के अंधविश्वास से मां परेशान हो गई और राज्यमंत्रीजी ने माइक थामकर दिखाया सिंगिंग टैलेंट। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. स्वच्छता अभियान के लिए 'कचरा प्रसार मिशन' अगर आपके जीवन में समस्या नहीं है, तो पहले समस्या खड़ी कीजिए। फिर उसका समाधान कीजिए। समाधान करने के बाद स्माइल करते हुए सेल्फी ले लीजिए। यह गूढ़ ज्ञान धौलपुर से निकल कर आया है। यहां बाड़ी में बाबा साहेब की जयंती पर जिला भाजपा की ओर से सफाई अभियान चलाया गया। मौके पर जिलाध्यक्ष समेत संगठन से जुड़े सभी पदाधिकारी पहुंच गए। लेकिन जहां सफाई की जानी थी, वह जगह पहले से साफ। झाड़ू लेकर पहुंचे पदाधिकारी दुविधा में। ऐसे में मंडल सह-प्रभारी ने दुविधा का शमन किया। एक जगह जमा कचरा उठाकर छितरा दिया और हाथ झाड़कर फोटो खिंचाने कतार में खड़े हो गए। इसी छितराए हुए कचरे को पदाधिकारियों ने झाड़ू से बुहार कर दोबारा इकट्ठा किया और स्वच्छता संदेश देते हुए फोटो खिंचाए। हालांकि फोटो खिंचने से पहले इस करतूत का वीडियो बन गया था। वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा तो बहुत किरकिरी हुई। जिलाध्यक्ष महोदय से कचरा फैलाकर सफाई करने के बारे में पूछा तो ‘सफाई’ दी। कहा- मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। 2. पेंटर बाबू ने कर दी पंचायत समिति में ‘क्रांति’ बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि मजदूर के हाथ धोने से पहले उसकी मेहनत का पैसा हाथ पर रख देना चाहिए। वरना उसकी हाय लगती है। हाय का तो पता नहीं, लेकिन आजकल रील वाली हाय तुरंत लग जाती है। दौसा के लालसोट में ऐसा ही कुछ हुआ। पंचायत समिति का नाम दौलतपुरा। लेकिन प्रशासक और सचिव ने गांव का नाम खराब कर दिया। पेंटर से रंग-रोगन का काम कराने के बाद उसका 3 हजार रुपए का पेमेंट करने के बजाये फोन उठाना बंद कर दिया। फिर टरकाने लगे। पेंटर क्रांतिवीर निकला। उसने साथी के सहयोग से वीडियो बनाया। सारा किस्सा सुनाया और फिर काले रंग से पंचायत भवन पर लिखा सब कुछ पोत दिया। 3. पुनर्जन्म का अंधविश्वास, मां बोली-मैं परेशान टोंक के एक छोटे से गांव की बात। बच्चा सोकर उठा और मां से बोला- मैं आमेर का महाराजा मानसिंह हूं। मां ने समझाया- ना लाला, तू मेरा कान्हा है। बेटा मानने को तैयार नहीं। कहा- मानसिंह ही हूं। राजा मानसिंह के पुनर्जन्म की अफवाह उतनी ही तेजी से फैली, जिस स्पीड से पेट्रोल पंप बंद होने की फैली थी। बच्चा कहता- मेरे लिए सिंघासन लगाओ। रास्ते साफ कराओ। फरमाइशें होने लगीं। दरबार जैसा जमघट सजने लगा। यूट्यूबर-रील क्रिएटर पहुंचने लगे। बच्चा बोला-मैं डेली आधा किलो घी और मालपुए खाता था। हिस्ट्री के सवाल-जवाब होने लगे-मानसिंह की कितनी पत्नियां थीं? जवाब- मेन तो दो थी, बाकी… कुल मिलाकर बच्चे के नखरे राजशाही। मां ने दुखी स्वर में कहा- यहां ठीक से खाने-पीने की व्यवस्था नहीं है, ये कहता है चुपड़ी रोटी खाऊंगा। ऐसे परेशान करता है। 4. चलते-चलते.. राज्यमंत्री केके विश्नोई कई कलाओं के धनी हैं। मौका पड़ता है तो शायरी सुना देते हैं। मंच पर जोरदार भजन गाकर माहौल भक्तिमय बना देते हैं। अब सिंगिंग का टैलेंट भी सामने आया है। एक वीडियो सोशल मीडिया पर घूम रहा है। मंच से गायक दबंग फिल्म का गाना पेश कर रहे हैं। शानदार लाइटिंग है। जानदार माहौल। मंत्रीजी को माइक थमाया जाता है। वे झूमकर गाने लगते हैं- तेरे मस्त-मस्त दो नैन, मेरे दिल का ले गए चैन। हमउम्र साथी उनकी लयकारी पर फिदा होकर सीटी बजाते हैं। वाह-वाह करने लगते हैं। इनपुट सहयोग- महेश बोहरा (लालसोट दौसा), अनिल वर्मा (बाड़ी धौलपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी