कोटा में सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन दोनों पारियों का आयोजन शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। जिले में कुल 63 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिले में पहली शिफ्ट में कुल 18,596 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे, जिनमें से 12 हजार 263 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। वहीं 6 हजार 333 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस तरह पहली पारी में 65.94 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई। वहीं दूसरी शिफ्ट में 18 हजार 596 रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों में से 12 हजार 189 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया। वहीं 6 हजार 407 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पारी में 65.55 प्रतिशत उपस्थिति रही। परीक्षा देकर बाहर निकले अभ्यर्थियों ने बताया- दूसरी शिफ्ट में सामान्य ज्ञान का पेपर अपेक्षाकृत कठिन रहा, जबकि हिंदी का पेपर आसान था। वहीं परीक्षा खत्म होने के बाद घर जाते समय बसों में अभ्यर्थियों की भारी भीड़ रही। महिला अभ्यर्थियों को भीड़ में बस में चढ़ने में परेशानी हुई। पेपर खत्म होने के बाद दूसरे जिलों से आए अभ्यर्थी अपने घर जाने के लिए बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पहुंचे, ऐसे में दोनों जगह भीड़ लग गई। पहले देखें PHOTOS सुबह 9 बजे से दी एंट्री कोटा में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर सुबह 9 बजे से अभ्यर्थियों को एंट्री दी गई। 10 बजे परीक्षा केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। अंतिम 5 मिनट शेष रहने पर कर्मचारियों ने अभ्यर्थियों को आवाज लगाकर सूचित किया। वहीं दूसरी पारी में जनरल नॉलेज की परीक्षा 3 से 5 बजे तक हुई। इसके लिए एंट्री दोपहर एक बजे शुरू हुई। सुबह की पहली पारी में 11 बजे से सामान्य हिंदी का पेपर हुआ। इसके लिए सुबह 9 बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की एंट्री शुरू कर दी गई थी। 10 बजे सभी केंद्रों के गेट बंद कर दिए गए। देरी से पहुंचने वाले कई अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं मिल सका, जिससे उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। अभ्यर्थियों की थ्री-लेयर जांच हुई कोटा के इंदिरा गांधी नगर स्थित गवर्नमेंट स्कूल परीक्षा केंद्र पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। यहां अभ्यर्थियों की थ्री-लेयर जांच की गई। मुख्य द्वार पर पुलिसकर्मियों ने मेटल डिटेक्टर से चेकिंग की। इसके बाद स्कूल स्टाफ द्वारा फिर जांच की गई। किसी भी प्रकार की मेटल वस्तु, कागज या इलेक्ट्रॉनिक सामान को अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। परीक्षा केंद्र के आसपास की सभी दुकानों को परीक्षा के समय बंद करवाया गया। जांच के दौरान अभ्यर्थियों के हाथों में बंधे धागे (कलावा) तक कैंची से कटवाए गए। जिन अभ्यर्थियों के शर्ट में मेटल बटन थे, उन्हें शर्ट बदलने के निर्देश दिए गए। फुल स्लीव शर्ट पहनकर आने वालों को भी प्रवेश से रोका गया। वहीं जूते पहनकर आए अभ्यर्थियों को बाहर ही जूते उतरवाने पड़े। जींस पहनकर आने वाले कई कैंडिडेट्स को भी पहले रोका गया। बाद में ड्रेस बदलकर आने पर ही प्रवेश दिया गया। 5 मिनट लेट आई अभ्यर्थी, नहीं मिली एंट्री परीक्षा केंद्र के गेट बंद होने के बाद भी कुछ अभ्यर्थी देरी से पहुंचे। एक महिला अभ्यर्थी 5 मिनट लेट होने के कारण परीक्षा नहीं दे सकी और मायूस होकर लौट गई। वहीं सांगोद से बाइक पर आए एक अभ्यर्थी भी 6 मिनट की देरी के चलते परीक्षा से वंचित रह गए। उद्योग नगर थाना अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया- गाइडलाइन के अनुसार सख्ती से जांच की गई। परीक्षा को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए।