अभिषेक चौधरी राजस्थान यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बन गए हैं। अनिल चोपड़ा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष और राजकुमार पारसवाल को उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया है। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने तीनों की नियुक्ति के आदेश गुरुवार को जारी किए। पिछले महीने 4 अक्टूबर को यूथ कांग्रेस चुनाव का रिजल्ट घोषित किया गया था। इसमें अध्यक्ष पद के लिए अभिषेक चौधरी को सबसे ज्यादा 6.15 लाख वोट मिले थे, जबकि अनिल चोपड़ा 5.45 लाख वोट के साथ दूसरे नंबर पर रहे थे। राजकुमार परसवाल 1.95 लाख वोट के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे। वोटों के लिहाज से अभिषेक चौधरी का अध्यक्ष बनना लगभग तय था। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय प्रभारी ने टॉप पैनल के इंटरव्यू किए। इसके बाद अब आधिकारिक रूप से अध्यक्ष और उपाध्यक्षों की घोषणा की गई। अब राजस्थान यूथ कांग्रेस की बनेगी नई टीम प्रदेशाध्यक्ष और दो उपाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब राजस्थान यूथ कांग्रेस की नई टीम बनेगी। जल्द ही अब बाकी प्रदेश पदाधिकारियों की घोषणा होगी। झोटवाड़ा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके अभिषेक चौधरी अभिषेक चौधरी जयपुर से विधानसभा और अनिल चोपड़ा जयपुर से लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं। अभिषेक चौधरी साल 2023 के विधानसभा चुनाव में झोटवाड़ा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी थे। उनको भाजपा उम्मीदवार राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने 50 हजार 167 वोट हराया था। राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को 1 लाख 47 हजार 913 वोट मिले थे, जबकि अभिषेक चौधरी को 97 हजार 746 वोट मिले थे। अनिल चोपड़ा ने जयपुर ग्रामीण सीट से लड़ा था लोकसभा चुनाव वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने अनिल चोपड़ा ने साल 2024 में जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। वे करीबी मुकाबले में भाजपा के राव राजेंद्र सिंह से 1 हजार 615 वोटों से चुनाव हार गए थे। हार के बाद चोपड़ा ने रिकाउंटिंग की मांग की थी और पोस्टल बैलेट खारिज होने को लेकर रिटर्निंग ऑफिसर को आपत्तियां दर्ज कराई थी। रिटर्निंग ऑफिसर ने बताया था कि 1 हजार 225 पोस्टल बैलेट खारिज हुए हैं, जबकि हार का अंतर 1 हजार 615 का है, इसलिए रिकाउंटिंग नहीं की जा सकती है। रिकाउंटिंग की मांग खारिज होने पर अनिल चोपड़ा रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में धरने पर बैठ गए थे। बाद में अनिल चोपड़ा ने इसको लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी। 2020 में धांधली के आरोपों के बाद सुमित भगासरा को पद से हटाया था बता दें कि साल 2010 से यूथ कांग्रेस के चुनाव हो रहे हैं। नई कार्यकारिणी का कार्यकाल 3 साल का रहेगा। साल 2023 में यूथ कांग्रेस के चुनाव में अभिमन्यु पूनिया को सबसे ज्यादा वोट मिले थे। इसके बाद वे अध्यक्ष बने थे। साल 2020 में हुए चुनाव में सुमित भगासरा को सबसे ज्यादा वोट मिले थे और अध्यक्ष बने थे। बाद में मुकेश भाकर ने वोटों में धांधली का आरोप लगाया। पूरे मामले की जांच के बाद भगासरा को हटाकर भाकर को विजयी घोषित किया गया था। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में मुकेश भाकर ने कांग्रेस के टिकट पर लाडनूं से जीत हासिल की थी। जुलाई 2020 में सचिन पायलट ने कांग्रेस से बगावत की तब मुकेश भाकर भी उनके साथ मानेसर चले गए थे। इस पर मुकेश भाकर को राजस्थान यूथ कांग्रेस अध्यक्ष के पद से बर्खास्त कर गणेश घोघरा को अध्यक्ष बनाया गया था। अभिषेक चौधरी के यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर किसने क्या पोस्ट की… अब जानिए यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बनने का प्रोसेज सवाल-1 : यूथ कांग्रेस का चुनाव होता कैसे है और पूरी प्रक्रिया क्या है? जवाब: भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) में संगठन के चुनाव की शुरुआत राजस्थान में साल 2010 में हुई थी। शुरुआती दो दौर में बैलेट पेपर के बाद अब चुनाव डिजिटल प्रोसेस से होते हैं। पूरा प्रोसेस 2-3 महीने लंबा होता है। स्टेप-1- मेंबरशिप: 18 से 35 साल का कोई भी युवा IYC एप पर 75 रुपए फीस देकर मेंबर बन सकता है। इस बार रिकॉर्ड 34 लाख 33 हजार 12 सदस्यों ने रजिस्ट्रेशन कराया। करीब 32 लाख से ज्यादा मेंबर से 24 करोड़ 48 लाख रुपए फीस जमा हुई। जिन्होंने फीस जमा नहीं कराई, वो वोटिंग नहीं कर सके। स्टेप-2- वोटिंग: IYC एप पर तय तारीख पर वोटिंग। एक मेंबर एक साथ 6 पदों के लिए वोट करता है। इसमें ब्लॉक अध्यक्ष, विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष, जिला महासचिव, प्रदेश महासचिव और प्रदेश अध्यक्ष शामिल होते हैं। राजस्थान में अब तक 5 बार साल 2010, 2013, 2020, 2023 और साल 2026 में चुनाव हुए। 2013 के कार्यकाल को एक्सटेंशन देते हुए 7 साल तक रखा गया था। सवाल-2 : चुनाव लड़ने की पात्रता क्या है? जवाब: उम्मीदवार को भी नॉमिनेशन शुल्क देना होता है और उसकी भी उम्र 35 साल तक होनी चाहिए। कुछ मामलों में 36 साल से 1 दिन कम तक के युवा को भी इसमें शामिल कर लिया जाता है। इस बार प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए 19 उम्मीदवार मैदान में थे। बाद में मुकाबला 2-3 बड़े चेहरों पर ही सिमट गया।