जैसलमेर के रामगढ़ इलाके में आबादी एरिया की जमीन सीमेंट कंपनी को आवंटित की गई है। तीन महीने से ग्रामीण इस डील का विरोध कर रहे हैं। गांव वाले 90 दिन से धरने पर हैं। प्रशासन की ओर से वार्ता के लिए पहल नहीं गई गई है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। सोमवार को धरना स्थल पर जुटे ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि समय रहते मांगों पर विचार नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों को क्या ऐतराज ग्रामीणों का कहना है कि आबादी क्षेत्र के नजदीक सीमेंट फैक्ट्री लगने से पर्यावरण प्रदूषण बढ़ेगा। इलाके में धूल का गुबार रहेगा और लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। आमजन का जीवन प्रभावित होगा। आबादी से दूर लगाने की मांग धरने पर बैठे एक प्रदर्शनकारी ने कहा- स्थानीय लोगों की सहमति नहीं ली गई। सीधे भूमि आवंटन किया गया है। यह अनुचित है। हमने प्रशासन से मांग की है कि आवंटन प्रक्रिया की पारदर्शिता की जांच कर इसे निरस्त किया जाए और वैकल्पिक स्थान पर उद्योग स्थापित किया जाए। धरने में शामिल लोगों ने कहा- बार-बार ज्ञापन देने और अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। 90 दिनों से जारी धरना रामगढ़ कस्बे के रहवासी क्षेत्र के समीप सीमेंट ब्लॉक्स के आवंटन को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित विभाग जायज मांगों को नजरअंदाज कर रहे हैं। तीन महीने के बाद भी प्रशासन की ओर से किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने ठोस वार्ता नहीं की। इस उदासीनता के कारण क्षेत्र के युवाओं, बुजुर्गों और महिलाओं में भारी आक्रोश है।