रावतभाटा में आसमान में गूंजती आतिशबाजी, जय श्रीराम के जयकारे और हजारों दर्शकों की मौजूदगी के बीच राणापुंजा स्टेडियम में दशहरा पर्व धूमधाम से मनाया गया। रात करीब साढ़े आठ बजे रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम में विधायक डॉ. सुरेश धाकड़ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। रावण दहन देखने के लिए स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में आयोजन को लेकर उत्साह नजर आया। सभी की निगाहें रावण के विशाल पुतले पर टिकी रहीं। श्रीराम के तीर के साथ गूंजे जयकारे निर्धारित कार्यक्रम के तहत भगवान श्रीराम के स्वरूप ने जैसे ही रावण पर तीर चलाया, मैदान में मौजूद लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। तीर लगते ही रावण के पुतले का दहन शुरू हो गया। इससे पहले मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों को भी आग के हवाले किया गया। पुतलों के दहन के दौरान हुई आतिशबाजी ने आसमान को रंग-बिरंगी रोशनी से भर दिया। इस नजारे को दर्शकों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। फतेहपुर सीकरी के कलाकार ने बनाए पुतले इस बार रावण का 60 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया था, जबकि कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले 45-45 फीट ऊंचे थे। तीनों पुतलों का निर्माण फतेहपुर सीकरी के कलाकार शब्बीर अहमद फारूकी ने किया था। रावण दहन के साथ दशहरा पर्व ने एक बार फिर संदेश दिया कि अहंकार, अन्याय और अधर्म चाहे कितने ही शक्तिशाली क्यों न हों, अंत में विजय सत्य और धर्म की ही होती है।