दिल्ली में NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला से मारपीट और अभद्रता के मामले में कांग्रेसी नेता जयपुर में जीरो नंबर की FIR दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेसी नेता दिल्ली पुलिस के एक कॉन्स्टेबल के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग पर अड़े हैं। एफआईआर दर्ज नहीं होने से नाराज नेताओं ने कमिश्नरेट में ही रात गुजारी। दिल्ली में हुई मारपीट और अभद्रता को लेकर सोमवार को पीड़ित रितु बराला ने जयपुर में मोतीडूंगरी थाने में परिवाद देकर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। थाने में FIR दर्ज नहीं कर उन्हें पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल से मिलने के लिए कहा गया। जिसके बाद सोमवार देर शाम कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा FIR दर्ज करवाने के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे थे। FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर कमिश्नरेट के गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।। कमिश्नरेट पहुंचे कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल में प्रताप सिंह खाचरियावास, विधायक रफीक खान, जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा और खुद रितु बराला मौजूद थीं। सभी नेता सुबह कमिश्नरेट में चाय पीते दिखे। नहीं मिले कमिश्नर हालांकि उन्हें पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल कमिश्नरेट में नहीं मिले, जिस पर डोटासरा ने फोन पर कमिश्नर से बात की और जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग की। डोटासरा ने कमिश्नर से फोन पर कहा कि रितु बराला के साथ मारपीट हुई है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि आप इसे पर्सनल मुद्दा मत बनाओ। जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी, तब तक हम यहां से जाने वाले नहीं हैं। जिसके बाद डोटासरा सहित अन्य कांग्रेसी नेताओं ने कमिश्नरेट में ही रात गुजारी। गोविंद सिंह डोटासरा, प्रताप सिंह खाचरियावास जमीन पर सोते नजर आए। वहीं महिला कांग्रेसी नेता भी सोफे पर सोती नजर आई। मोती डूंगरी थाने से पहुंचे थे कमिश्नरेट इससे पहले कांग्रेस की लीगल टीम रितु बराला के साथ मोती डूंगरी थाने पहुंची थी, जहां पर कांग्रेस विधायक रफीक खान, अमीन कागजी और लीगल टीम ने थाना इंचार्ज को एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखित में शिकायत दी थी, लेकिन थाना इंचार्ज ने उन्हें पुलिस कमिश्नरेट जाने की बात कही, जिस पर तमाम लोग पुलिस कमिश्नरेट पहुंच गए। रितु बराला झुंझुनूं की रहने वाली हैं दरअसल, 13 अक्टूबर-2026 को दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान NSUI की रितु बराला के साथ अभ्रदता हुई। आरोप है कि उसे और उसके साथियों को पुलिसकर्मी जबरन बस में बैठाकर कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन ले गए, जहां उनके साथ मारपीट की गई। रितु बराला मूल रूप से झुंझुनूं की रहने वाली हैं, लेकिन अभी वे जयपुर में ही रहतीं हैं। वे राजस्थान यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में भी सक्रिय रही हैं। दिल्ली में घटना के अगले दिन राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में रितु ने घटना के बारे में बताया। इस दौरान राहुल गांधी ने रितु बराला को दिखाते हुए कहा था- ये शेरनी है। जब पूछा कि डर लगा तो रितु ने कहा था कि डर नहीं लगा। दिल्ली पुलिस ने जबरन खींचकर बस में बैठाया NSUI की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला का कहना है कि वह NSUI की ओर से आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली गईं थीं। 13 अक्टूबर को दोपहर करीब 2:30 बजे वह और उनके साथी राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-7 के पास नारेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिसकर्मियों ने उन्हें और अन्य प्रदर्शनकारियों को कथित तौर पर जबरन खींचकर बस में बैठाया और कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन ले गए। दिल्ली पुलिस ने गर्दन दबाई, बाल खींचे, थप्पड़ मारे रितु बराला ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने उनकी गर्दन दबाई, बाल खींचे और चेहरे पर थप्पड़ मारे। इससे चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। जूतों सहित उनके दाएं पैर की कनपटी को कुचल दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी और सुनने में भी परेशानी होने लगी। उन्होंने प्राइवेट पार्ट पर लात मारने और हाथ की अंगुलियां मरोड़ने का भी आरोप लगाया है। रितु बराला के मुताबिक, उनके चरित्र और व्यक्तित्व को लेकर भी कथित तौर पर भद्दी और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। 13 अक्टूबर को उन्हें दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद 14 अक्टूबर को उन्हें छुट्टी दे दी गई। एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग पीड़िता रितु बराला का कहना है कि घटना के बाद वह भयभीत और सदमे में थीं। इलाज के कारण तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सकीं। अब 19 अक्टूबर 2026 को मोती डूंगरी थाने में परिवाद (शिकायत) देकर उन्होंने कथित घटना की जांच कराने, FIR दर्ज करने और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। FIR दर्ज नहीं करने के बजाय उन्हें पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल से मिलने की कहा गया। सोमवार को देर शाम FIR दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित कांग्रेस कार्यकर्ता जयपुर कमिश्नरेट पहुंचे। हालांकि, वहां काफी देर बैठाने के बाद भी FIR दर्ज नहीं की गई। विरोध के चलते कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने जयपुर कमिश्नेरट के गेट पर नारेबारी कर प्रदर्शन किया।