बासनी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों और बढ़ते हादसों को लेकर सोमवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। एम्स तिराहे से सालावास जाने वाली मुख्य सड़क के खराब हालात और निर्माण में देरी से नाराज क्षेत्रवासियों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया। गुस्साए लोगों ने सड़क के दोनों ओर वाहन खड़े कर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया और व्यापारी व राहगीर सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि अधिकारियों की लापरवाही से निर्दोष लोग जान गंवा रहे हैं, जिसे अब सहन नहीं किया जाएगा। मामला रूडिप और पीडब्ल्यूडी के बीच बजट विवाद में उलझा हुआ है। भैरव नाले के निर्माण के दौरान रूडिप ने सड़क को कई जगह से खोदकर क्षतिग्रस्त कर दिया था। अब पीडब्ल्यूडी मरम्मत के लिए फंड मांग रहा है, लेकिन रूडिप की ओर से राशि जारी नहीं होने से काम अटका हुआ है। इस खींचतान के कारण ट्रैफिक को वन-वे करना पड़ रहा है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। रात में अंधेरे के चलते स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है। जाम की सूचना पर एसीपी छवि शर्मा और बासनी थानाधिकारी नितिन दवे जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं हुए। हालात को देखते हुए लूणी एसडीएम हंसमुख कुमार और पीडब्ल्यूडी एक्सईएन मोहम्मद शरीफ, कन्हैयालाल सहित पीडब्ल्यूडी और रूडिप के अधिकारियों मौके पर आए। प्रशासन ने जल्द सड़क निर्माण, दोनों तरफ आवागमन शुरू करने, रोड लाइट चालू करने और बीच में लगे बिजली पोल हटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटाकर रास्ता खोल दिया। उन्होंने चेतावनी भी दी कि काम शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा। 3 दिन में 2 हादसे, 3 लोगों की गई जान एसीपी (पश्चिम) छवि शर्मा ने बताया कि तनावड़ा क्षेत्र में लगातार हादसे हो रहे हैं। इसके चलते कई चालक जान गंवा चुके हैं। तीन दिन में दो हादसे हुए, इनमें तीन लोगों की मौत हुई थी। गत 2 अप्रैल को तनावड़ा फांटा पर साइकिल पर जा रहे नेमाराम की मौत हुई थी। बेटे सांगरिया स्थित सोनामुखी नगर निवासी राजू परिहार (27) ने रिपोर्ट में बताया कि उसके पिता को हाइड्रोलिक क्रेन के चालक ने तेज गति से गाड़ी चलाते हुए टक्कर मार दी। रविवार को सांगरिया फांटा से घर लौटते समय पाल निवासी सुमेर चौहान पुत्र शंकरलाल मेघवाल और माधोपुरा सतलाना निवासी पारस देपन पुत्र ओमाराम मेघवाल पिकअप की चपेट आ गए। दोनों की मौत हो गई थी। बासनी थाना क्षेत्र में सड़क हादसों के विरोध में क्षेत्रवासियों ने रास्ता जाम कर दिया। समझाइश के बाद खोला।