साधुमार्गी जैन संघ के सदस्य घरों में भी बिजली बंद रखते हैं न लाइट... न पंखा... न एसी... न माइक... और हजारों श्रोता... श्री अखिल भारतवर्षीय साधुमार्गी जैन संघ के प्रवचनों में यह नजारा आम है। यहां आध्यात्मिक ज्ञान के साथ कार्बन उत्सर्जन घटा रहे। ग्लोबल वॉर्मिंग के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं। संघ अहिंसक जीवनशैली और कड़े अनुशासनों से पर्यावरण संरक्षण की एक नई राह दिखा रहा है। संघ के अध्यक्ष नरेंद्र गांधी बताते हैं- साधुमार्गी जैन संघ के 105 समता भवन संघ से जुड़े 200 स्थानक भी हैं, जहां ‘जीरो कार्बन फुटप्रिंट’ पर नियमित धार्मिक गतिविधियां होती हैं। यहां जैन साधु-साध्वीवृंद प्रवचन, प्रतिक्रमण और पौषध साधना के दौरान पंखे, एसी, माइक या बिजली के दूसरे किसी भी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं होता है। 15 हजार लोग पंखे-लाइट के बिना सुनते रहे प्रवचन इस मुहिम का उदाहरण मुंबई के बोरीवली चातुर्मास के दौरान दिखा। यहां 15 हजार की भीड़ के बीच भी बिजली, पंखे, माइक का इस्तेमाल नहीं हुआ। जावद के दीक्षा एवं अभिनंदन समारोह (2024) में 4 हजार श्रावक-श्राविकाएं मौजूद थीं, लेकिन वहां पंखे-लाइट या एसी नहीं था। 22 हजार से ज्यादा परिवार कुछ घंटे बिजली नहीं चलाते संघ से जुड़े 22 हजार परिवार घरों में भी प्रतिक्रमण के दौरान लाइट, पंखे या एसी नहीं चलाते। ये परिवार हर चतुर्मास 10 लाख यूनिट बचाते हैं। इससे सालाना करीब 500 मीट्रिक टन कार्बन का उत्सर्जन रुकता है, जो 25,000 से 30,000 पेड़ लगाने के बराबर का पर्यावरणीय योगदान है।