राष्ट्रीय राजमार्ग-52 शीतल होटल के पास शक्ति नगर कॉलोनी के निवासी लंबे समय से लंबित पट्टा प्रकरणों और कॉलोनी की स्वीकृति नहीं मिलने से निराश हैं। नगर परिषद को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या का निस्तारण नहीं होने पर शुक्रवार को लोगों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने प्रशासन से मामले में जल्द हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की। कॉलोनीवासियों का कहना है कि यह बस्ती वर्ष 1990 से आबाद है। यहां अनुसूचित जाति और आर्थिक रूप से कमजोर मजदूर वर्ग के परिवार पिछले 35 वर्षों से निवास कर रहे हैं। इसके बावजूद आज तक कॉलोनी को विधिवत स्वीकृति नहीं मिल सकी। चुन्नीलाल महावर, विशाल चंदेल, सत्यनारायण चांवला, राजेश, भैरुलाल, निर्मला, सीता आदि ने बताया कि कॉलोनी स्वीकृत नहीं होने और आवासीय पट्टे जारी नहीं होने से यहां रहने वाले लोगों को पक्की सड़क, नाली, पेयजल, स्थायी बिजली कनेक्शन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस कारण यहां का विकास भी प्रभावित हो रहा है। आरोप है कि नगर परिषद टोंक में 2023 से चुन्नीलाल महावर, गायत्री चंदेल, राधा महावर, सीता देवी चावला, मुकेश धाकड़ सहित दर्जनों परिवारों के पट्टा आवेदन बिना किसी ठोस कारण के लंबित पड़े हैं। इस साल 2026 में संपन्न शिविरों में भी यहां के लोगों ने नए आवेदन जमा कराए। उनकी पत्रावलियों का भी अब तक निस्तारण नहीं हो पाया। निवासियों का कहना है कि अधिकांश परिवार मजदूरी कर जीवनयापन करते हैं। वे बार-बार नगर परिषद के चक्कर लगाने में असमर्थ हैं। कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के जरिए लोगों ने मांग की है कि शक्ति नगर कॉलोनी को शीघ्र स्वीकृति दिलाई जाए। 2023 से लंबित और 2026 के शिविरों में मिले सभी पट्टा आवेदनों का नियमानुसार त्वरित निस्तारण कराया जाए। इससे सालों से बसे परिवारों को कानूनी अधिकार मिल सकेंगे। उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी मिल सकेंगी।